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बुमराह श्रीलंका दौरे पर क्यों नहीं?

srilanka

अमित बिश्नोई
विश्व कप जीतने के बाद कहा गया कि चैम्पियन टीम के कुछ सीनियर खिलाडियों को आराम दिया जायेगा, विश्व कप समाप्त होने से पहले ही ज़िम्बाब्वे दौरे के लिए टीम इंडिया का एलान हो गया, इस टीम में विश्व चैम्पियन टीम का कोई भी खिलाड़ी शामिल नहीं था, ज़िम्बाब्वे का दौरा ख़त्म हो गया, शुभमण गिल के नेतृत्व में युवा टीम टीम 4- 1 से टी 20 श्रंखला जीतकर लौट आयी और अब बारी श्रीलंका दौरे की है जहाँ पर टीम इंडिया को टी 20 और ODI सीरीज़ खेलनी है. दोनों ही टीमों का एलान हो गया है, रोहित के रिटायरमेंट के बाद हार्दिक के बजाय सूर्यकुमार यादव को टी 20 टीम का कप्तान बना दिया गया है. इधर राहुल द्रविड़ की जगह टीम को गौतम गंभीर के रूप में नया हेड कोच मिल गया है. नए हेड कोच को लेकर तरह तरह की मीडिया में बातें चल रही थीं और चल रही हैं कि किस तरह वो अपनी शर्तों पर इस ज़िम्मेदारी के लिए तैयार हुए हैं. इनमें से एक शर्त टीम के चयन में उनकी दखलंदाज़ी की भी थी. अब टीम का एलान हो चूका है और जहाँ तक दखलंदाज़ी की बात है तो कहा जा रहा है कि गौतम गंभीर की दखलंदाज़ी की वजह से ही रोहित शर्मा और विराट कोहली को रेस्ट देने का प्लान बोर्ड ने कैंसल कर दिया और उन्हें श्रीलंका जाने वाली ODI टीम में शामिल कर लिया। अब यहाँ पर सवाल पैदा होता है कि विश्व चैम्पियन टीम के तो कई खिलाडियों को आराम देने का फैसला किया गया था जिनमें रोहित और विराट शर्मा के अलावा रविंद्र जडेजा और बुमराह का भी नाम था तो फिर सिर्फ रोहित और बुमराह को ही टीम में क्यों कॉल किया गया, बुमराह को क्यों नहीं, जडेजा को क्यों नहीं?

अगर रोहित शर्मा और और विराट कोहली को बोर्ड ने नए हेड कोच के कहने पर या कहिये कि ज़िद पर उनके रेस्ट को कैंसिल कर उन्हें टीम में वापसी पर मजबूर किया गया तो क्या गंभीर को सिर्फ इन्हीं दोनों खिलाडियों की ज़रुरत थी, उन्हें बुमराह की श्रीलंका दौरे पर ज़रुरत नहीं है या जडेजा की ज़रुरत नहीं है. जैसा कि सभी को मालूम है कि बतौर हेड कोच ये गौतम गंभीर का पहला विदेशी दौरा है, या कहिये बतौर कोच टीम इंडिया के साथ उनका पहला असाइनमेंट है और सभी को मालूम है कि हर किसी के लिए अपना पहला असाइनमेंट कितना महत्वपूर्ण होता है, खिलाडी हो या कोई और, अपनी पहली ज़िम्मेदारी में कामयाबी हासिल करने के लिए हर कोई अपना पूरा ज़ोर लगा देता है और जब बात टीम गेम की हो तो फिर टीम का लीडर चाहता है कि उसके पास सबसे बेस्ट टैलेंट हो. बेशक रोहित शर्मा और विराट कोहली अगर बल्लेबाज़ी में बेस्ट हैं तो जसप्रीत बुमराह का गेंदबाज़ी में कोई सानी नहीं। सवाल उठता है कि गौतम गंभीर ने अगर रोहित और विराट को टीम रहने के लिए मजबूर किया तो फिर बुमराह को क्यों छूट दी, बुमराह को क्यों नहीं कहा गया कि उन्हें भी श्रीलंका दौरे पर जाना ही पड़ेगा।

खबर ये भी थी कि रोहित और विराट श्रीलंका दौरे पर जाने को बिलकुल भी इच्छुक नहीं थे लेकिन गौतम गंभीर ने बोर्ड और सेलेक्टर्स को मजबूर किया कि उन्हें श्रीलंका दौरे के लिए ये खिलाड़ी चाहिए ही चाहिए। विराट इस समय अपनी फैमिली के साथ विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं और इस बात की बोर्ड को बड़े अच्छे से जानकारी भी है क्योंकि ये पहले से ही तय था कि श्रीलंका दौरे पर टीम के सीनियर खिलाडियों को आराम दिया जायेगा। कहा जा रहा है कि गंभीर ने श्रीलंका के 2017 के दौरे में किये गए विराट और रोहित के प्रदर्शन की वजह से ये फैसला किया। उस दौरे पर इन दोनों ने ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन किया था उसके बाद से ये दोनों खिलाड़ी किसी बाइलेटरल सीरीज़ के लिए श्रीलंका दौरे पर नहीं गए. लेकिन सवाल फिर टीम के सबसे भरोसेमंद तेज़ गेंदबाज़ के बिना श्रीलंका जाने का है, सवाल फिर वही है कि क्या गंभीर को चुने गए गेंदबाज़ों पर तो भरोसा है लेकिन रोहित और विराट के अलावा उन्हें बाकी बल्लेबाज़ों पर उतना भरोसा नहीं है. ODI टीम में रोहित और विराट के अलावा गिल, KLR, श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत जैसे विशुद्ध बल्लेबाज़ हैं. तो क्या गंभीर को इनकी बल्लेबाज़ी पर उतना भरोसा नहीं जितना रोहित और विराट पर है. गंभीर को इन आज़माये हुए अनुभवी बल्लेबाज़ों पर भरोसा नहीं लेकिन उन्हें बुमराह जैसे तेज़ गेंदबाज़ की उतनी ज़रुरत नहीं। ये सवाल अपने आप में थोड़ा हैरान करता है. ऐसी भी कोई खबर नहीं है कि बुमराह ने कहे जाने के बाद भी श्रीलंका दौरे पर जाने से इंकार किया। इसका मतलब यही है कि गौतम गंभीर ने बुमराह को टीम में शामिल करने के लिए कहा ही नहीं, या फिर ज़ोर नहीं डाला। खैर अभी इस बारे में कोई खबर सामने नहीं आयी है लेकिन श्रीलंका दौरे पर गेंदबाज़ी के मोर्चे पर अगर कुछ उन्नीस बीस हुआ तब ज़रूर ये बात उठेगी कि जब रोहित और विराट को दौरे के लिए मजबूर किया जा सकता है तो फिर बुमराह को क्यों नहीं?

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