- पबजी के अलावा 117 और एप्स को बैन किया जा चुका है
- हिंसक व्यवहार बढ़ाता है यह गेम, चीन में पहले से बैन है
चीन से तनातनी के बीच भारत में बहुत से लोगों के द्वारा खेला जाने वाला PUBG Ban हो गया है. इससे पेरेंट्स जहां खुश नजर आ रहे हैं वहीं पबजी खेलने वाले निराश भी हैं. हालांकि जो समझ रहे हैं उन्हें पता है कि चीन को आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए और भारत की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. आज हम पबजी के बारे में वो सब बतातें है कि आखिर क्या है और कैसे यह इतना पापुलर हो गया. पढ़े एक रिपोर्ट…
कैसे बना पबजी गेम?
पबजी के कॉन्सेप्ट का इजाद आयरिश गैमिंग कंपनी ब्रेन्डन ग्रीन ने किया था. इसी कंपनी ने बतौर क्रिएटिव डायरेक्टर ब्लूहोल की सब्सिडियरी पबजी को-ऑपरेशन के साथ मिलकर पबजी मोबाइल गेम बनाया. इसे सबसे पहले 2017 में रिलीज किया गया, लेकिन ये गेम बहुत तेजी के साथ सफल हुआ. दुनिया भर के करोड़ों लोगों ने इसे खूब खेला.इस गेम की प्रसिद्धि ने कंपनी को मजबूर किया कि वो चीनी कंपनी टेनसेंट गेम्स के साथ मिलकर पबजी का मोबाइल वर्जन बनाएं. बता दें कि ‘टेनसेंट गेम्स’ चीनी कंपनी टेनसेंट होल्डिंग्स और ब्लूहोल की पबजी कोऑपरेशन के तहत आती है. पबजी का मोबाइल और आईओएस वर्जन 2018 में लॉन्च हुआ.
भारत में कितने यूजर्स और डाउनलोड?
पबजी मोबाइल एप की भारत में जबरदस्त लोकप्रियता है. युवाओं में इस गेम को खेलने की जबरदस्त धुन सवार रहती थी. भारत में पबजी मोबाइल गेमिंग एप के करीब 5 करोड़ डाउनलोड और करीब 3.3 करोड़ यूजर्स हैं.
क्या पबजी एप चीनी कंपनी का है?
पबजी मोबाइल एप को चीनी कंपनी टेनसेंट ने कोड किया है, लेकिन इसकी मेजॉरिटी शेयर होल्डिंग कंपनी साउथ कोरियन कंपनी ब्लूहोल है. ब्लूहोल कंपनी ने ही पबजी गेम का डेस्कटॉप वर्जन क्रिएट किया था. हालांकि टेनसेंट की पबजी मोबाइल में भी 11.5% की हिस्सेदारी है.तो साफ है कि पबजी मोबाइल एप को सिर्फ चीनी कंपनी ने नहीं बनाया, ना ही चीनी कंपनी इसकी पूरी तरह से मालिक है. चीनी कंपनी टेनसेंट की इसमें हिस्सेदारी है.
चीन में बैन है पबजी मोबाइल एप
दुनियाभर में इतनी लोकप्रियता होने के बावजूद ये गेमिंग एप खुद चीन में ही बैन है. इसकी ओनिंग कंपनी टेनसेंट को चीनी सरकार से इस गेम के हिंसक प्रवृत्ति का होने की वजह से अप्रूवल नहीं मिला.

