लखनऊ। UP Election 2022| समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भाजपा पर कड़ा प्रहार किया है। साथ ही चुनाव आयोग (Election commission) को भी निशाने पर लिया है। वाराणसी में कथित तौर पर पकड़ी गईं अतिरिक्त ईवीएम को लेकर उन्होंने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए आम नागरिकों और जिम्मेदार लोगों को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि अगर भाजपा यूपी का चुनाव जीतती है तो यह लोकतंत्र का आखिरी चुनाव होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि ईवीएम की सुरक्षा की जाए, जिससे कि परिणाम सही आ सकें। इस दौरान उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, सुभासपा के मुखिया ओमप्रकाश राजभर, जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट) के अध्यक्ष डॉ. संजय सिंह चौहान, एमएलसी राजपाल कश्यप, प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी भी मौजूद रहे।
अखिलेश यादव ने कहा कि पिछली बार के चुनाव में करीब 47 सीटें ऐसी थीं जहां पर बीजेपी ने 05 हजार के अंतराल से चुनाव जीता था। ऐसे में इन सीटों पर उसे हार का खतरा सीधे मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि बनारस (Varanasi) में दो ट्रक पकड़े गए हैं, जबकि एक भाग गया है। ऐसे में अगर वह सही था तो भागा क्यों? अधिकारियों को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की ईवीएम को लेकर स्पष्ट गाइडलाइंस हैं कि उसको कहीं भी लेकर आया जाया नहीं जा सकता। अगर ऐसा होता भी है तो प्रत्याशियों के अलावा वहां संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना देनी होगी। उन्होंने कहा कि बनारस में जो हुआ है, घंटों लाइव लोग खड़े रहे लेकिन प्रशासन की ओर से कोई भी जिम्मेदार नहीं आया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि हाल ही में कई खबरें छपीं कि सपा सरकार के दौरान बने पार्कों और सपा नेताओं की घरों की सफाई हो रही है। जिसके बाद से भाजपा के लोग घबरा गये हैं। देखा जाए तो भाजपा जमीन पर चुनाव हार चुकी है। उनकी घबराहट का ही नतीजा है कि इस तरह की हरकतें हो रहीं हैं। अखिलेश यादव ने इस दौरान चैनलों और सर्वे एजेंसियों की ओर से जारी किये गये एग्जिट पोल (Exit Poll) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन एग्जिट पोल के जरिये बीजेपी की कोशिश है कि एक परसेप्शन तैयार किया जा रहा है, जिससे कि किसी को उनकी चोरी पर संदेह ना हो। उन्होंने कहा कि इन सर्वे एजेंसियों को कहां से फंडिंग होती है, इसका पता लगना चाहिये। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा जिस तरह की हरकतें कर रहीं हैं, इससे स्पष्ट है कि लोकतंत्र सुरक्षित नहीं है। अगर भाजपा जितेगी तो यह लोकतंत्र का आखिरी चुनाव होगा। वोट बचाने की लड़ाई हम सबको लड़नी होगी। जनता को क्रांति करनी होगी। सभी को आगे आना होगा। अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जब तक काउंटिंग ना हो जाए स्ट्रांग रूम के बाहर निगरानी जारी रखें। लखनऊ, बरेली, सोनभद्र, बनारस समेत कई जिलों से इस तरह की घटनाएं सामने आईं हैं। ऐसे में कड़ी निगरानी का समय है।

