अमित बिश्नोई
T20 world cup के फाइनल में कौन सी दो टीमें आमने सामने होंगी इसका फैसला कल हो जायेगा। कौन होंगी वो दो टीमें जो ट्रॉफी उठाने की जंग में उतरेंगी। जो टीमें अंतिम चार में पहुंची हैं उनमें दो पूर्व चैंपियन हैं जबकि एक टीम ऐसी है जो पहली बार किसी ICC टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंची है और एक टीम वो है ICC के टूर्नामेंट्स के नॉक आउट दौर में हमेशा भरभरा जाती है और शायद इसी लिए उसपर चोकर्स का टैग चिपक गया है. इस टीम को इस टूर्नामेंट में अपने सभी मैच खेलने का मौका मिला है, कोई भी मैच बाधित नहीं हुआ और इसने सभी मैचों में कामयाबी हासिल है तो क्या लगातार आठवाँ मैच जीतकर साउथ अफ्रीका सेमीफाइनल में प्रवेश करेगी, वहीँ पहली बार सेमीफाइनल में पहुँचने वाली अफ़ग़ानिस्तान की टीम क्या एक और छलांग मारकर नया इतिहास रचेगी।
दूसरी तरफ वो टीमें हैं जिनके पास विश्व कप का सेमीफानल और फाइनल खेलने का तजुर्बा है। भारत दो बार चैंपियन रहा जबकि इंग्लैंड की टीम वर्तमान चैंपियन है, सच पूछा जाय तो विश्व कप जीतने की सबसे बड़ी दावेदार यही दो टीमें हैं लेकिन कल इनमें से किसी एक सपना टूट जायेगा। मेरे हिसाब से तो कल भारतीय समय के अनुसार रात आठ सेमीफाइनल नहीं बल्कि फाइनल मैच खेला जायेगा, हालाँकि उससे पहले सुबह एक फाइनलिस्ट का फैसला हो चूका होगा। साउथ अफ्रीका जीते या फिर अफ़ग़ानिस्तान, फाइनल में एक नई टीम का सामना एक पुराने या वर्तमान चैंपियन से होना तय है। दोनों ही मैच काफी दिलचस्प होना चाहिए। जहाँ तक साउथ अफ्रीका और अफ़ग़ानिस्तान की बात है तो एक तरफ अपराजित टीम है और दूसरी तरफ लड़कर और कई हैरान करने वाली और नामुमकिन जैसी कामयाबियां हासिल करके यहाँ तक पहुँचने वाली टीम है.
जहाँ तक साउथ अफ्रीका की बात है तो बेशक उसने अपने सभी मैच जीते हैं लेकिन इसमें भी कोई शक नहीं कि यहाँ तक पहुँचने के लिए उसके खेल से ज़्यादा उसके भाग्य ने उसका साथ दिया। वरना कम से कम तीन मैचों में उसकी हार निश्चित थी, लेकिन कहते हैं न कि जो जीता वो सिकंदर। जीत से सारी कमियां ढक जाती हैं. अब सवाल ये है कि क्या वो सारी कमियां कल सुबह उजागर हो जाएँगी या फिर किस्मत कल एकबार फिर उसपर मेहरबान रहेगी और हालात उसके अनुरूप बने रहेंगे, या फिर कल वो दिन होगा जब उसे इस टूर्नामेंट में अपनी पहली हार मिलेगी और उनपर लगा चोकर्स का टैग बरकरार रहेगा। अफ़ग़ानिस्तान का अबतक का सफर शानदार रहा है, विशेषकर गेंदबाज़ी में. अफ़ग़ानिस्तान की टीम अभी तक अपनी स्पिन गेंदबाज़ी के लिए जानी जाती थी लेकिन ये पहला मौका है है जब स्पिनर्स से ज़्यादा उसके पेसर्स ने कमाल दिखाया है, विशेषकर फारूकी ने जो इस विश्व कप में अबतक सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बने हुए हैं, वहीँ स्पिनर्स में राशिद खान का कोई मुकाबला नहीं, वो करामाती खान हैं ये बात बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने साबित कर दी. कल सुबह भी गेंदबाज़ी ही उनका मज़बूत पक्ष रहेगी।
बात भारत और इंग्लैंड की तो इस मुकाबले पर बारिश का संकट छाया हुआ है, मौसम विभाग की जो रिपोर्ट है उसके हिसाब से तो मैच के दौरान बारिश का व्यवधान आना पक्का। रिपोर्ट के हिसाब से इतनी बारिश हो सकती है कि हो सकता है कि मैच पूरा न हो सके या फिर पूरी तरह रद्द हो जाय. अगर ऐसा हुआ तो ये बड़ा निराशाजनक होगा, हालाँकि ऐसा होने पर भारत का कोई नुक्सान नहीं होगा और इस विश्व कप के नियमों के हिसाब से वो फाइनल में पहुँच जायेगा। हैरानी इस बात की है कि साउथ अफ्रीका और अफ़ग़ानिस्तान के मैच के लिए तो रिज़र्व डे रखा गया है लेकिन भारत और इंग्लैंड के मैच के लिए कोई रिज़र्व डे नहीं रखा गया है, अलबत्ता लगभग चार घंटे का अतिरिक्त समय ज़रूर दिया गया है, निर्धारित समय में बारिश की वजह से अगर मैच पूरा नहीं हो पाता तो खेल को चार घंटे के लिए और बढ़ाया जायेगा। अजीब अजीब नियम इस विश्व कप के लिए बनाये गए हैं जो किसी की भी समझ से बाहर हैं. अगर मैच में वर्षा ने बाधा न डाली तो दर्शकों को एक शानदार और रोमांचक मैच देखने को मिल सकता है, हालंकि इसकी कोई गारंटी नहीं है क्योंकि कभी कभी अपेक्षाओं के बिलकुल विपरीत कोई टीम प्रदर्शन कर जाती है। जहाँ तक टीमों की बात है तो निश्चित तौर पर टीम इंडिया बटलर की सेना पर भारी नज़र आ रही है. पिछले मैच में रोहित ने भी फॉर्म में वापसी कर ली है, बस विराट कोहली अभी तक अपने रंग में नहीं दिखे हैं, कहते हैं कि वो बड़े मैच के प्लेयर हैं इसलिए हो सकता है कि उन्होंने कल का दिन रिज़र्व कर रखा हो, अपना पुराना अंदाज़ दिखाने के लिए.
फिलहाल कुछ भी हो, बस मैच होना चाहिए क्योंकि इंग्लैंड को हराकर फाइनल में पहुँचने का जो मज़ा होगा वो मैच रद्द होकर फाइनल खेलने में नहीं आएगा। बहरहाल हम तो भारत और अफ़ग़ानिस्तान के बीच फाइनल होता देख रहे हैं, इसका मतलब ये नहीं कि मैं साउथ अफ्रीका या इंग्लैंड को कमज़ोर मान रहा हूँ लेकिन हमें जो सामने होता हुआ नज़र आ रहा है वो यही नज़ारा है. अगर ऐसा हो जाय तो फिर एशिया की क्रिकेट के लिए ये बहुत बड़ी बात होगी, क्रिकेट की दुनिया में अफ़ग़ानिस्तान के रूप में एक नई ताकत का उभार होगा। हिंसाग्रस्त देश के लिए एक नई रौशनी निकल सकती है. वैसे आप किसे फाइनल में देख रहे हैं ?
