- 19 साल की उम्र में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री की हत्या कर फैलाई थी सनसनी
- राजनेताओं के सरंक्षण से उसने खादी का चोला पहना और राजनीति में प्रवेश किया
गुरुवार देर रात हुई एक हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गए 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए और सात अन्य घायल हो गए.इस घटना को विकास दुबे नाम के शिवली के डान और उसके गुर्गों ने अंजाम दिया है. ऐसी जानकारी सामने आ रही है कि पुलिस के आने की जानकारी विकास दुबे को पहले ही मिल गई थी. यह इस बात से और पुख्ता होता है कि जेसीबी खड़ी कर दी गई थी बिकरु गांव के रास्ते में जिससे पुलिस की जीप को रोका जा सका. यह भी हो सकता है कि किसी पुलिसकर्मी या थाने में आने-जाने वाले किसी व्यक्ति के माध्यम से विकास दुबे को पुलिस के आने की जानकारी मिल गई हो.
कैसे पहुंचा जरायम की दुनिया में?
- हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे ने 19 साल की उम्र में वर्ष 2001 में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला हत्याकांड का मुख्य आरोपी है
- वर्ष 2000 में कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र स्थित ताराचंद इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्धेश्वर पांडेय की हत्या में भी विकास का नाम आया था
- कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र में ही वर्ष 2000 में रामबाबू यादव की हत्या के मामले में विकास पर जेल के भीतर रहकर साजिश रचने का आरोप है
- वर्ष 2004 में केबिल व्यवसायी दिनेश दुबे की हत्या के मामले में भी विकास आरोपी है
- 60 से ज्यादा मुकदमे हैं दर्ज, हत्या के प्रयास के मुकदमे में पुलिस पकड़ने गई थी
कैसे आया चर्चा में?
2001 में कानपुर देहात के शिवली थाने के अंदर घुस कर इंस्पेक्टर रूम में बैठे तत्कालीन श्रम संविदा बोर्ड के चैयरमेन, राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त भाजपा नेता संतोष शुक्ल को गोलियों से भून दिया था. लेकिन कोई गवाह न मिलने के कारण केस से बरी हो गया. एसटीएफ ने कानपुर में वर्ष 2001 में भाजपा के तत्कालीन दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की थाने के अंदर सनसनीखेज हत्या करने के आरोपी विकास दुबे को 2017 में लखनऊ से गिरफ्तार किया था. पूछताछ में विकास ने बताया था कि वर्ष 1996 में कानुपर की चौबेपुर विधानसभा क्षेत्र से हरिकृष्ण श्रीवास्तव व संतोष शुक्ला चुनाव लड़े थे.इस चुनाव में हरिकृष्ण श्रीवास्तव विजयी घोषित हुए थे. विजय जुलूस निकाले जाने के दौरान दोनों प्रत्याशियों के बीच गंभीर विवाद हो गया था. जिसमें विकास दुबे का नाम भी आया था और उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था.यहीं से विकास की भाजपा नेता संतोष शुक्ला से रंजिश हो गई थी. इसी रंजिश के चलते 11 नवंबर 2001 को विकास ने कानपुर के थाना शिवली के अंदर संतोष शुक्ला की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

