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जीत मिली चाहे हार, राजनीतिक पार्टियां हो गईं मालामाल


जीत मिली चाहे हार, राजनीतिक पार्टियां हो गईं मालामाल

नई दिल्ली। पांच राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में हुए चुनावों में राजनीतिक दलों को जीत मिली हो या हार, मग़र सब हो गयी हैं मालामाल। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस सहित 19 राजनीतिक दलों को 2021 में हुए चुनावों के दौरान 1,100 करोड़ रुपये से अधिक प्राप्त हुए हैं। मगर इन दलों ने खर्चा सिर्फ 500 करोड़ रुपये का ही किया है। यानी 600 करोड़ रुपये की बचत इन राजनीतिक दलों को हुई है।

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एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और नेशनल इलेक्शन वॉच की एक रिपोर्ट के अनुसार
असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों को काफी पैसा मिला है। केंद्र की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी को सबसे अधिक 611.69 करोड़ रुपये मिले हैं। इनमें से भाजपा ने सिर्फ 252 करोड़ रुपये ही ख़र्च किया हैं। यानी चुनावी हार जीत से इतर भाजपा ने बड़ी रकम जमा करने में कामयाबी हासिल की है। इनमें से भी भाजपा ने मीडिया में विज्ञापन सहित प्रचार कार्यो में 85.26 करोड़ रुपये और स्टार प्रचारकों तथा अन्य नेताओं की यात्रा पर 61.73 करोड़ रुपये का खर्चा किया है।

वहीं इन चुनावों में कांग्रेस को 193.77 करोड़ रुपये मील औऱ उसने 85.62 करोड़ रुपये ही खर्च किए। यानी कांग्रेस ने भी काफी पैसा बचाया है।द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) चुनावों में 134 करोड़ रुपये मिले और उसने 114.14 करोड़ रुपये खर्च किए। देखा जाए तो कांग्रेस से कम पैसा मिलने के बावजूद पार्टी ने कांग्रेस से अधिक पैसा खर्च किया है।

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रिपोर्ट के अनुसार इन चुनावों में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) को 79.24 करोड़, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को 56.32 करोड़, अन्नाद्रमुक को 14.46 करोड़ और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) को 8.05 करोड़ रुपये मिले हैं।

यह आंकड़े बताते है की भारत में होने वाले चुनावों में कितनी फंडिंग होती है। वहीं कितनी बड़ी रकम चुनाव प्रचार में खर्च होती है। चुनाव में वोट मिले या न मिले मगर बड़ी रकम जरुर मिल जाती है।

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