विकास के एनकाउंटर के बाद सामने आने लगे पीड़ित
बिकरु गांव में कम होने लगा दहशत का माहौल
कानपुर के बिकरु गांव में हुई घटना ने देशभर को हिलाकर रख दिया था. बिकरु गांव के लोगों के लिए आंतक का पर्याय बने विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद से लोगों में दहशत का माहौल कम होने लगा है. पहले विकास दुबे जब अपराध करता था तो लोग डर के मारे कुछ नहीं बोलते थे.लेकिन अब जब विकास दुबे जिंदा नहीं है तो लोगों ने उसकी करतूतें बताना शुरू कर दिया है. लोग खुलकर दुर्दांत अपराधी की दरिंदगी की कहानियां बता रहे हैं.एक बुजुर्ग ने बताया कि 20 साल पहले वह नए कपड़े पहन घर से निकला था तो विकास ने उसे पीटा था.
लोगों का डर दूर करने को चौपाल
शनिवार को पुलिस ने चौपाल लगाई तो एक बुजुर्ग ने बताया कि 20 साल पहले वह नए कपड़े पहन घर से निकला था तो विकास ने उसे पीटा था. उसने सख्त हिदायत दी थी कि यदि आगे जीवन जीना है तो पुराने कपड़े में ही दिखे. इसके बाद वह हमेशा पुराने कपड़े पहनता रहा. यह कहानी सुनकर पुलिसवाले भी हैरान रह गए।
एसआईटी से बताई हकीकत
रविवार को एसआईटी को बयान देने के बाद 65 साल के विजय कुमार दुबे ने बताया कि विकास बहुत परेशान करता था.अकसर गालीगलौज करने के बाद राशन लेने जाने पर भगा देता था. उसके डर से भतीजों ने चार महीने पहले गांव छोड़ दिया था. वह अब मजदूरी कर पेट भर रहे हैं.
अधिकारी मिले हुए थे
विजय ने बताया कि इंदिरा आवास योजना में मिले सरकारी घर का उसे फायदा नहीं मिला, जबकि लिस्ट में उसका नाम भी था अधिकारियों से शिकायत करने पर वह तुरंत विकास को बता देते थे.उसने एसआईटी से पक्के घर और राशन की मांग की. बुजुर्ग ने बताया कि 2001 में हुए संतोष शुक्ला हत्याकांड के बाद पुलिस मारती और सताती थी, लेकिन इस बार पुलिस परेशान नहीं कर रही है.

