शनिवार को प्रयागराज में होने वाली ओवैसी की जनसभा के पोस्टर में अतीक अहमद भी दिखे
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और बाहुबली नेता अतीक अहमद की जोड़ी बनती दिख रही है। शनिवार को प्रयागराज में होने वाली रैली के पोस्टर में ओवैसी के साथ अतीक अहमद की तस्वीर भी दिखाई दे रही है। ऐसे में जाहिर हो रहा है कि उत्तर प्रदेश में अपनी चुनावी नैया को पार कराने के लिए ओवैसी को अतीक अहमद की पतवार का सहारा लेने से गुरेज नहीं है।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में एआईएमआईएम में शामिल कराया गया था। इसके बाद पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी अतीक अहमद और उनकी पत्नी को पार्टी की ओर से मनचाही सीट से चुनाव लड़ाने का आश्वासन दिया था। प्रयागराज में आज होने वाली जनसभा मैं इस संबंध में कोई घोषणा भी की जा सकती है। क्योंकि जनसभा के पोस्टर में पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के साथ बाहुबली नेता और पूर्व सांसद अतीक अहमद और एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली की तस्वीर भी है। अंग्रेजी में बॉस इज कमिंग लिखे इन पोस्टर को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और सभी राजनीतिक दलों की निगाहें आज होने वाली इस जनसभा पर टिकी हैं।
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा करने वाली एआईएमआईएम में बाहुबली नेता और पूर्व सांसद अतीक अहमद का शामिल होना अनेक दृष्टिकोण से देखा जा सकता है। संभवत: पार्टी इस चुनाव में येन-केन-प्रकारेण अधिक से अधिक सीटें जीतने का प्रयास कर रही है। ऐसे में उसे बाहुबलियों का साथ लेने से भी गुरेज नहीं है। या यह भी हो सकता है कि प्रदेश में सत्ताररूढ़ भाजपा का मुकाबला करने के लिये उसे ऐसे नेताओं की जरूरत हो जो मजबूती से चुनाव लड़ सकें। मुस्लिम बहुल सीट पर ऐसे नेताओं को खड़ा कर पार्टी जीत के प्रति आश्वकस्तज होना चाहती है।
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देखना यह होगा कि दागदार छवि वाले नेता को पार्टी में शामिल कर चुनाव लड़ाने से एआईएमआईएम को क्या लाभ होगा। लेकिन यह स्पष्ट है कि अतीक अहमद को पार्टी में शामिल करने और उन्हें चुनाव लड़ाने के मुद्दे को भारतीय जनता पार्टी प्रमुखता से उठाएगी और इसका सियासी लाभ लेने का प्रयास करेगी। भविष्य में क्या होगा यह तो कोई नहीं जानता मगर अतीक अहमद को एआईएमआईएम में शामिल करने का यह निर्णय पार्टी को जीत भी दिला सकता है और यह गठजोड़ खुद अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसा भी हो सकता है।

