Gujarat Chunavi Dangal – गुजरात जहाँ का कण कण इस समय राजनीति के रंग में रंगा हुआ है। सत्ताधारी भाजपा से लेकर प्रत्येक छोटे बड़े राजनीतिक दल की नजर पाटीदार समाज पर टिकी हुई है और सबकी राजनीति का केंद्र बिंदु बन गया है यह पाटीदार समाज। हर कोई पाटीदार समाज को अपने दल से जोड़ने की कवायद में लगा हुआ है वही राजनीतिक विशेषज्ञयों का कहना है कि गुजरात की राजनीति में पाटीदार समाज गेम चेंजर की भूमिका निभाता है यह जिस दल के साथ कदम बढ़ा देता है उसे निश्चित तौर पर जीत हासिल हो जाती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर यह पाटीदार समाज है कौन और गुजरात की राजनीति में यह क्यों इतनीं अहम भूमिका निभाते हैं।
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पाटीदार समाज का धर्म से राजनीतिक कनेक्शन:-
कौन है पाटीदार समाज- गुजरात की राजनीति में अमुख भूमिका निभाने वाला पाटीदार समाज स्वम् को श्री राम का वंशज कहते हैं। यह खुदको दो उप जातियों में विभक्त करके रखते हैं। लेउवा पटेल और कदवा पटेल. लेउवा पटेल लव और कदवा पटेल कुश के वंशज माने जाते हैं, जो भगवन राम के जुड़वां बच्चे थे। वही अगर हम इस समाज का राजनीतिक गाँठजोड समझे तो यह हमेशा धर्म को महत्व देते हैं और इनको जीतने के लिए गुजरात मे धर्म की राजनीति का आगाज हुआ था। गुजरात का प्रत्येक राजनीतिक दल आज मुद्दों से विमुख होकर सिर्फ धर्म और श्री राम के नाम पर राजनीति कर रहा है और जनता को जीतने के लिए यह गुजरात की धार्मिक राजनीति उनके लिए ब्रह्मस्त साबित होती है।
अभी हाल ही में कांग्रेस से अलग हुए हार्दिक पटेल ने श्री राम की शील को लेकर कांग्रेस नेता द्वारा दिए बयान पर हमला बोला था और कहा था जो पार्टी प्रभु श्री राम का सम्मान नहीं करती वह जनता के लिए क्या करेगी। मुझे समझ नहीं आता कांग्रेस को राम से इतनी नफरत क्यों है यह धर्म का उपयोग सिर्फ अपने स्वार्थ हेतु करते हैं। हार्दिक का यह बयान यह स्पष्ट तौर पर बता रहा है कि गुजरात की राजनीति में धर्म की क्या भूमिका है और राजनेता उसका अपने फायदे के लिए किस प्रकार इस्तेमाल करते हैं।
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गुजरात मे कहां तक फैला है पाटीदार समाज:-
अगर गुजरात के पूर्वी आदिवासी बेल्ट को छोड़ दें तो पूरे गुजरात मे पाटीदार समाज का दबदबा है। गुजरात और सौराष्ट्र इनका गढ़ कहा जाता है। राजनीतिक दल यहां से अपनी राजनीतिक एंट्री करते हैं और अपना दबदबा बनाते है। गुजरात की 6.5 करोड़ आबादी में पाटीदारों की संख्या लगभग 1.5 करोड़ है. 1931 की अंतिम दर्ज जाति जनगणना के अनुसार, पाटीदार आबादी का लगभग 11-12% है। वही पाटीदार समाज के सबसे बड़े नेता के रूप में सरदार वल्लभ भाई पटेल जाने जाते हैं। सरदार जी का जन्म लेउवा पाटीदार जाति के एक आत्मनिर्भर जमींदार परिवार में हुआ था. उन्हें भारत जैसे विशाल देश के एकीकरण का श्रेय जाता है. उन्होंने 1947 से 1950 तक भारत के पहले उप प्रधान मंत्री के रूप में कार्य किया।
