Site icon Buziness Bytes Hindi

पंचायत चुनाव में क्या संभव है महामारी कानून का पालन !


पंचायत चुनाव में क्या संभव है महामारी कानून का पालन !

उत्तर प्रदेश में महामारी कानून के तहत तमाम गतिविधियों पर प्रतिबंध सख्ती से लागू किए जा रहे है। यहां बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच निमम और कानूनों के जारी होते आदेशों के बीच पंचायत चुनाव भी नजदीक आ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यदि इन नियमों-कानूनों के पालन के साथ सफलतापूर्वक पंचायत चुनाव सम्पन्न करवा दिए तो ये कदम एक बड़ी नज़ीर बनेगा। क्योंकि मोजूदा वक्त में देश के कई राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावो में होने वाली चुनावी रैलियां में भीड़ इकट्ठा हो रही है। कोरोनों से बचाव से जुड़ी एहतियातों, नियम कानूनों की खूब धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इस अनुशासनहीनता और बदएहतियाती के जिम्मेदार. वो बड़े नेता हैं जो भीड़ वाली रैलियों को संबोधित कर रहे हैं।

ऐसे में यदि यूपी पंचायत चुनाव में रैलियों/सभाओं में भीड़ पर.सख्ती से प्रतिबंध लागू होता है और इसका पालन होता है तो यूपी प्रशासन का ये काबिलेतारीफ कदम होगा। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश और भाजपा के दिग्गज नेताओं को आइना दिखाकर एक नज़ीर कायम कर सकते है। हांलाकि ग्रामीण परिवेश में महामारी एक्ट के पालन के साथ यूपी में पंचायत चुनाव बेहद बड़ी चुनौती है।

देश के कुछ राज्यों में चुनाव और कोरोना के बढ़ते कहर के बीच रैलियों में इकट्ठा भीड़ खुदगर्ज सियासत के अस्ल चेहरे उजागर कर रही है। उत्तर प्रदेश में भी पंचायत चुनाव की तैयारियां और कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तेज रफ्तार में आगे बढ़ रही है। देशभर में कोविड 19 का कहर भी बढ़ रहा है और कई सूबों में चुनाव भी हो रहे हैं। कहीं वोटिंग तो कहीं चुनावी रैलियों की आंधी आई हुई है।

ऐसे में आशंकाएं जताने, सावधान व जागरक रहने और सवाल उठाने का हक़ हर किसी को है। जिस उत्तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश में पंचायत चुनाव होने हैं उस प्रदेश की राजधानी मे ही कोरोना की आंधी आ गई है। यहां चंद दिनों मे ही बढ़ते-बढ़ते कोरोना संक्रमित की संख्या हर दिन हजार के पार आगे बढ़ रही है। सियासत का दोहरा चरित्र कोरोना से भयावह है। एक तरह कोरोना के मद्देनजर सख्त कदम भी उठाए जाएंगे, लोगों के चालान होंगे। घर, मॉल और दुकानें सील होंगी। दूसरी तरफ यूपी में विधानसभा चुनाव के सेमीफाइनल कहे जाने वाले पंचायत चुनावों में महामारी कानून को लागू करवा पाना बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य होगा। और यदि पूरी एहतियातों के साथ बिना भीड़ के ये चुनाव सम्पन्न हो गये तो मुख्यमंत्री की ऐसी कार्यकुशलता कई दिग्गज राजनेताओं को आइना दिखाएगी।

Exit mobile version