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सॉवरेन क्लाउड क्या है और भारत के लिए इसकी जरूरत क्यों बढ़ रही है?

What Is Cloud Technology

क्लाउड क्या है?

हर डिजिटल गतिविधि से डेटा तैयार होता है। चाहे स्मार्टफोन से खींची गई तस्वीर हो, डिजिटल भुगतान हो या अस्पताल का अपॉइंटमेंट।इस डेटा को स्टोर, प्रोसेस और जरूरत पड़ने पर एक्सेस करना होता है।

क्लाउड एक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर है, जो संस्थानों को सुरक्षित डेटा सेंटर्स में रखे शक्तिशाली सर्वर्स के जरिए डेटा को स्टोर, प्रोसेस, मैनेज और जरूरत पड़ने पर प्राप्त करने की सुविधा देता है। स्थानीय डिवाइसेज या ऑन-प्रिमाइस सर्वर्स पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय, क्लाउड प्लेटफॉर्म डेटा और एप्लिकेशन्स को रिमोट इंफ्रास्ट्रक्चर पर चलाने की सुविधा देते हैं।

क्लाउड को एक डिजिटल वेयरहाउस की तरह समझा जा सकता है।

 जैसे एक भौतिक वेयरहाउस में सामान स्टोर किया जाता है, वैसे ही क्लाउड में डेटा स्टोर किया जाता है, एप्लिकेशन्स चलाए जाते हैं, बैकअप तैयार किए जाते हैं और कहीं से भी सुरक्षित एक्सेस की सुविधा मिलती है

आज बैंक, अस्पताल, निजी कंपनियां और सरकारी एजेंसियां अपने महत्वपूर्ण कामकाज और डिजिटल सेवाओं को चलाने के लिए क्लाउड सेवाओं पर निर्भर हैं।

डेटा प्रोटेक्शन क्यों महत्वपूर्ण है?

जैसे-जैसे जीवन और कारोबार से जुड़े अधिक पहलू ऑनलाइन हो रहे हैं, डेटा की सुरक्षा जरूरी हो गई है। व्यक्तिगत, वित्तीय और कारोबारी जानकारी अब एक मूल्यवान संपत्ति है। इस जानकारी को नुकसान, दुरुपयोग, चोरी या अनधिकृत एक्सेस से सुरक्षित रखना जरूरी है।

डेटा ब्रीच से पहचान की चोरी, वित्तीय धोखाधड़ी, ग्राहकों के भरोसे को नुकसान और जरूरी सेवाओं में व्यवधान जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। प्रभावी डेटा प्रोटेक्शन यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि जानकारी सुरक्षित और सटीक रहे और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध रहे।

स्पैम, फिशिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों से मजबूत सुरक्षा उपायों की जरूरत और स्पष्ट होती है। इन खतरों से निपटने के लिए टेलीकॉम कंपनियां अब एआई आधारित समाधानों का तेजी से इस्तेमाल कर रही हैं।

उदाहरण के लिए एयरटेल के एआई आधारित एंटी स्पैम समाधान ने अब तक 93 अरब से अधिक स्पैम कॉल और 4 अरब स्पैम संदेशों की पहचान की है। इसके अलावा 14 लाख से ज्यादा धोखाधड़ी वाले लिंक को ब्लॉक करके डिजिटल भरोसे और उपयोगकर्ता सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिली है।

स्वायत्त (सोवरेन) क्लाउड क्यों महत्वपूर्ण है?

स्वायत्त (सोवरेन) क्लाउड ऐसा क्लाउड वातावरण है, जिसे किसी देश के कानूनी और नियामकीय अधिकार क्षेत्र के भीतर डेटा और क्लाउड संचालन बनाए रखने के लिए तैयार किया जाता है।

भारत में इसका मतलब है कि डेटा को भारतीय कानूनों और सुरक्षा ढांचे के तहत स्टोर, मैनेज और नियंत्रित किया जाता है। इसे इस तरह समझा जा सकता है कि मूल्यवान दस्तावेजों को विदेश के बजाय भारत में बैंक लॉकर में रखा जाए। स्वायत्त (सोवरेन) क्लाउड डेटा पर अधिक नियंत्रण और निगरानी सुनिश्चित करने में मदद करता है।

स्वायत्त (सोवरेन) क्लाउड केवल डेटा को भौतिक रूप से स्टोर करने तक सीमित नहीं है। इसमें मेटाडेटा, बैकअप, एन्क्रिप्शन की, एक्सेस परमिशन और क्लाउड-मैनेजमेंट सिस्टम पर पूरा नियंत्रण भी शामिल है। इससे संस्थान संवेदनशील जानकारी की बेहतर सुरक्षा कर सकते हैं और अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा कर सकते हैं।

भारत में डेटा रखने से उसकी सुरक्षा में कैसे मदद मिलती है?

भारत में डेटा होस्ट करने से कानूनी, नियामकीय और परिचालन स्तर पर अधिक नियंत्रण मिलता है। संस्थानों को यह बेहतर जानकारी रहती है कि डेटा कहां स्टोर है, उसे कैसे प्रोसेस किया जा रहा है और कौन उसे एक्सेस कर सकता है।

बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा, सरकारी सेवाओं, कराधान, रक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों के लिए यह खास तौर पर महत्वपूर्ण है, जहां डेटा सुरक्षा और अनुपालन सर्वोच्च प्राथमिकता रखते हैं।

डेटा को भारत के भीतर रखने से विदेशी कानूनी अधिकार क्षेत्रों के संपर्क में आने का जोखिम भी कम किया जा सकता है। इससे संस्थान राष्ट्रीय डेटा गवर्नेंस संबंधी आवश्यकताओं के साथ बेहतर तालमेल बना सकते हैं।

एयरटेल ने भारत का पहला स्वायत्त (सोवरेन) टेल्को‑ग्रेड क्लाउड किया लॉन्च

एयरटेल ने अगस्त 2025 में एक्सटेलिफ़ाय (Xtelify) के ज़रिए एयरटेल क्लाउड लॉन्च करके डिजिटल इंफ़्रास्ट्रक्चर और डेटा संप्रभुता के क्षेत्र में अपनी स्थिति मज़बूत की। इसके साथ एयरटेल भारत का पहला टेलीकॉम ऑपरेटर बना, जिसने स्वायत्त (सोवरेन), टेल्को‑ग्रेड क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म पेश किया।

यह प्लेटफ़ॉर्म मूल रूप से एयरटेल के अपने डिजिटल इकोसिस्टम को सपोर्ट करने के लिए बनाया गया था और इसे प्रति मिनट 1.4 अरब तक ट्रांज़ैक्शन संभालने के लिए वास्तविक परिस्थितियों में परखा गया है। 

सॉवरेन‑बाय‑डिज़ाइन/ स्वायत्त (सोवरेन)‑डिज़ाइन आर्किटेक्चर के साथ तैयार एयरटेल क्लाउड यह सुनिश्चित करता है कि डेटा, इंफ़्रास्ट्रक्चर और कंट्रोल‑प्लेन ऑपरेशन्स पूरी तरह भारत में होस्ट और नियंत्रित किए जाएँ। इससे एंटरप्राइज़ेज़ को डेटा रेज़िडेंसी, सुरक्षा और अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलती है।

एयरटेल के अगली पीढ़ी के डेटा सेंटर्स और देशभर में फैले नेटवर्क पर निर्मित यह प्लेटफ़ॉर्म 99.99% अपटाइम, जियो‑रिडंडेंसी, एडवांस्ड डिज़ास्टर रिकवरी, इम्यूटेबल बैकअप और लगातार डेटा रेप्लिकेशन की सुविधा देता है। 

यह प्लेटफ़ॉर्म आईएएएस, पीएएएस और जेनरेटिव एआई आधारित सेवाओं की पूरी श्रृंखला उपलब्ध कराता है। इससे एंटरप्राइज़ेज़ और सरकारी संगठन मिशन‑क्रिटिकल वर्कलोड्स को सुरक्षित तरीके से चला सकते हैं, डिजिटल ट्रांसफ़ॉर्मेशन को गति दे सकते हैं और अपने डेटा पर अधिक नियंत्रण बनाए रख सकते हैं।

मेइटी सर्टिफ़िकेशन्स और एयरटेल के विश्वसनीय इंफ़्रास्ट्रक्चर पर आधारित एयरटेल क्लाउड एक सुरक्षित, स्थानीय स्तर पर नियंत्रित क्लाउड एनवायरनमेंट उपलब्ध कराता है, जिसे भारतीय बाज़ार की ज़रूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है। 

आज भारत में निर्मित और भारत के लिए तैयार एयरटेल क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म देशभर के एंटरप्राइज़ेज़ को सेवाएँ उपलब्ध कराता है और भारत का पहला टेल्को‑ग्रेड क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म है।

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