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Meerut News: west UP के ये बवाली नेता भड़का सकते हैं संप्रादायिक हिंसा

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Meerut News: शासन स्तर से पश्चिम यूपी के कुछ बड़े नेताओं की सूची खुफिया विभाग से मिले इनपुट के तौर पर तैयार की गई हैं इन सूची में सबसे ​अधिक सपा और बसपा के नेताओं के नाम शामिल है। उसके बाद रालोद और एआईएमआईएम के दो नेता शामिल हैं। शासन ने अंदेशा जताया है कि पश्चिमी यूपी के इन दलों के नेता सांसप्रदायिक हिंसा भड़का सकते हैं। इस सूची में कई जिलों के नाम शामिल किए हैं जो कि अत्यंत संवेदनशील हैं और सांप्रदायिक हिंसा के लिहाज से चिंगारी पर बैठे हुए हैं।

शासन के आदेश पर बवालियों की जो सूची बनी हैं उनमें मेरठ जिले के कई नेताओं के नाम मिल हैं। थाना स्तर पर बनाई सूची में उन लोगों के नाम शामिल किए हैं। जिन पर अंदेशा है कि वह सांप्रदायिक हिंसा भड़काकर माहौल खराब करा सकते हैं। सूची में पश्चिमी यूपी के बड़े और सक्रिय राजनीतिक दलों के नेता शामिल हैं। बताया जाता है कि इन नेताओं में सपा के एक विधायक और भाजपा के पूर्व विधायक शामिल हैं। वहीं सहारनपुर से एक पूर्व विधायक शामिल हैं। इसके अलावा रालोद के दो नेता और एआईएमआईएम के भी दो नेता शामिल हैं। ये नेता पार्टी के महत्वपूर्ण पदों पर हैं। जो आमतौर पर हमेशा ऐसी गतिविधियों में लिप्त रहते हैं। जिनसे कभी भी माहौल खराब होने का अंदेशा बना रहता है।

एसपी ​सिटी मेरठ पीयूष कुमार ने बताया कि सूची में नाम शामिल होने का मतलब ये नहीं है कि वो अपराधी की श्रेणी में आ गए हैं। इन लोगोंं का नाम सूची में शामिल होने के बाद अब थाना स्तर पर भी इन लोगों पर पैनी नजर रखी जाएगी।

पश्चिम यूपी के जिले संवेदनशील

अपराध के साथ ही पश्चिमी यूपी राजनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील रहता है। यहां पर सांप्रदायिक बवाल, आतंकी गतिविधियां, रोहिंग्यों और बांग्लादेशियों की आवाजाही रहती है। जिसके कारण यहां पर आए दिन एटीएस और केंद्र की खुफिया एजेंसियों की आमद बनी रहती है। हाल ही में मेरठ के खरखौदा थाना क्षेत्र से एटीएस ने चार बांग्लादेशियों को पकड़ा हैं जो अपनी पहचान छिपाकर रह रहे थे। जिन्होंने अपने आधार कार्ड फर्जी बनवा रखे थे। वर्ष 2019 में नागरिकता संशोधन अधिनियम और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के खिलाफ भी मेरठ में दंगे हुए थे।

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