पिछले एक दशक में पहली बार ऐसा होगा कि देश में आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। आज के बाद अब दस सालों तक भारत में ऐसा नजारा नहीं दिखाई देगा।
आंशिक सूर्य ग्रहण तब होता है जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी अपनी सीधी लाइन में नहीं होते हैं और सूर्य की सतह के छोटे से हिस्से पर काली छाया दिखाई देती है। आंशिक सूर्य ग्रहण तीन चरण में होते हैं। पहला आंशिक सूर्य ग्रहण की शुरुआत, फिर इसका अपने सर्वाेच्च स्तर पर पहुंचना और इसके बाद अंत।
आज का सूर्यग्रहण इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण है। वैसे आने वाले साल 2023 को छोड़कर हर साल सूर्य ग्रहण पड़ेगा।
लेकिन अब भारत से दिखाई देने वाला इसके बाद का बड़ा सूर्य ग्रहण करीब एक दशक बाद यानी 21 मई, 2031 को वलयाकार ग्रहण होगा। इसके तीन साल बाद 20 मार्च 2034 को अगला पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत के सभी भागों में दिखाई देगा।
सूर्य ग्रहण को सीधे नहीं देखना चाहिए। सूर्य की किरणें आंखों के लिए बहुत हानिकारक होती हैं। सूर्य ग्रहण को देखने के लिए स्पेशल सोलर फिल्टर ग्लासेज का उपयोग किया जा सकता है। ग्रहण के दौरान सड़क पर वाहन चलाने वालों को सलाह दी जाती है कि इस दौरान हमेशा हेडलाइट जलाकर वाहन चलाएं