कॉरपोरेट डिपॉजिट कंपनी द्वारा जारी की जाती है। इसमें जोखिम बैंक एफडी से अधिक होता है।
दरअसल कंपनियां अपनी जरूरतों के लिए पूंजी जुटाने का काम करती हैं।
कंपनियां एक निश्चित अवधि के लिए निवेशक से यह पूंजी लेती हैं जिसे कॉरपोरेट FD कहते हैं।
इसके लिए वह निवेशक से विज्ञापन के जरिए निवेश करने के लिए कहती हैं।
आमतौर पर निवेशक को आकर्षित करने के लिए इस एफडी पर कंपनियां बैंक और अन्य फाइनेंस कंपनियों से ज्यादा ब्याज देती हैं।
क्योंकि, इन कंपनियों के पास कंपनी कानून तहत के डिपॉजिट लेने का अधिकार होता है।
चूंकि कंपनियों के कॉरपोरेट FD पर ब्याज दर अधिक होता है इसलिए इसमें निवेश करना बेहतर होता है।