नवमी का दिन हवन के बिना है अधूरा, जाने क्यों ?

शारदीय नवरात्रों में भी मां दुर्गा के 9 दिन व्रत रखने के बाद व्रत के आखिरी दिन हवन करने का महत्व है।

हवन करने से माता दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है और आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं,।

हवन करने के नियम

हवन करने के नियम

सुबह उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ कपड़े पहनकर मां का नाम जपना चाहिए। पूजा और हवन की जगह को साफ होनी चाहिए। हवन करने के दौरान बीच में बोलना नहीं चाहिए।

पहले हवन कुंड का पंचभूत संस्कार जरूर करना चाहिए। वेदी को साफ करके हवन कुंड पर गाय के गोबर या मिट्टी से लेप करना चाहिए। मां दुर्गा के पूजन हवन में दुर्गा सप्तशती का 11 बार पाठ जरूर करना चाहिए।

हवन करने का महत्व

हवन करने का महत्व

हवन में डाली गई सामग्रियां वातावरण को शुद्ध करती हैं और नकारात्मक ऊर्जा का नाश करती हैं, साथ ही मस्तिष्क पूरी तरह से शुद्ध हो जाता है।