भारत में गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, नर्मदा और कावेरी नदी का बहुत अधिक धार्मिक महत्व है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन नदियों में स्नान करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है।
भारत में इन नदियों की विधि- विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। आज हम आपको इन पवित्र नदियों के बारे में जानकारी देंगे।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगा नदी में स्नान मात्र से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है। गंगा नदी हिमालय से निकलती है और वाराणसी, प्रयाग और हरिद्वार से होकर बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है।
धार्मिक पुराणों के अनुसार यमुना नदी को भगवान श्री कृष्ण की संगनी कहा जाता है। यमुनोत्री से निकलकर यमुना नदी दिल्ली, आगरा और इटावा से होकर प्रयागराज में गंगा नदी से मिल जाती है।
महाकाल पर्वत के अमरकंटक स्थान से निकलकर नर्मदा नदी पश्चिम दिशा की तरफ बहती हुई खम्बात की खाड़ी में मिल जाती है। नर्मदा नदी मध्य प्रदेश और गुजरात में बहती है और आज भी मध्यप्रदेश में नर्मदा नदी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
कावेरी साउथ की सबसे प्रमुख नदी है। ब्रह्मगिरि पर्वत से निकलकर कावेरी नदी कर्नाटक और तमिलनाडु से होती हुई बंगाल की खाड़ी में जाकर मिल जाती है। कावेरी को दक्षिण भारत में सबसे पवित्र नदी माना जाता है।
ब्रह्मपुत्र नदी को भारत की सबसे प्राचीन नदियों में से एक माना जाता है। तिब्बत के मानसरोवर झील से निकलर ब्रह्मपुत्र नदी भारत में अरुणाचल प्रदेश और असम से होती हुई बंगाल की खाड़ी में जाकर मिल जाती है।