गोल्ड लोन के लिए अप्लाई करते समय यह पता लगाना सबसे ज़रूरी है कि, लोन देने वाला संस्थान भरोसेमंद है या नहीं।
गोल्ड लोन का बाज़ार असंगठित है, जहाँ लोन देने वाली कई अनौपचारिक कंपनियां ग्राहकों को कम ब्याज़ दरों पर बड़ी आसानी से गोल्ड लोन देती हैं।
लेकिन इस मामले में बैंकों और NBFCs को सबसे सुरक्षित माना जाता है, इसलिए ग्राहकों को यह सलाह दी जाती है कि वे बैंकों और NBFCs में ही गोल्ड लोन (Gold Loan)के लिए अप्लाई करें।
लोन देने वाले अलग-अलग संस्थानों में गोल्ड लोन की ब्याज़ दरों और प्रोसेसिंग फीस भी अलग-अलग होती है।
अपने लोन की लागत को कम करने के लिए आपको ऐसे संस्थान से लोन लेना चाहिए, जिसकी ब्याज़ दरें और प्रोसेसिंग फीस कम हो।
गोल्ड लोन लेने से पहले लोन की समय-सीमा पर अच्छी तरह गौर करें, क्योंकि आपको इसी समय-सीमा के भीतर अपना लोन चुकाना होगा।
गोल्ड लोन के लिए अप्लाई करने से पहले लोन चुकाने के विकल्प पर गौर करना भी बेहद जरूरी है।
भारत के सभी प्रमुख बैंक और NBFCs गोल्ड लोन चुकाने के लिए कई विकल्पों की पेशकश करते हैं।
इसके अलावा, लोन देने वाली कंपनियों की ओर से गोल्ड लोन EMI कैलकुलेटर की पेशकश की जाती है, जिसकी मदद से आप अपने सोने के गहनों के वजन और शुद्धता के आधार पर लोन की रकम का अंदाज़ा लगा सकते हैं।
इस तरह आप लोन लेने से पहले ही यह पता लगा सकते हैं कि, आपको हर महीने कितनी रकम चुकानी होगी।
जिस गहने पर आप लोन लेना चाहते हैं, उसकी शुद्धता की जांच करें।
लोन देने वाले ज्यादातर संस्थान केवल 22-कैरेट या उससे अधिक मूल्य के शुद्ध सोने के गहनों पर ही लोन देना पसंद करते हैं।
बजाज फिनसर्व जैसी लोन देने वाली कंपनियों में सोने की कीमत तय करने की प्रक्रिया पारदर्शी होती है।
यहां टॉप-ऑफ़-द-लाइन कैरेट मीटर का उपयोग किया जाता है, ताकि आपके सोने के गहनों को अधिकतम कीमत मिले।