फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी और डेट म्यूचुअल फंड में से किसे चुनना चाहिए। इसे लेकर लोग अक्सर आशंकित होते हैं।
देखा गया है कि एफडी के मुकाबले डेट म्यूचुअल फंड ने अधिक रिटर्न देते हैं।
देश के प्रमुख बैंक 1 से 5 साल की फिक्स्ड डिपॉजिट पर 7.5 प्रतिशत तक ब्याज दे रहे हैं।
आमतौर पर डेट फंड का रिटर्न बैंक एफडी से ज्यादा होता है।
अगर इन दोनों में से किसी एक में पैसा लगाना चाहते हैं, तो पहले इनके रिटर्न, जोखिमों और टैक्सेशन के बारे में जानना जरूरी है।
जानकारों का कहना है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी का असर डेट फंड पर ज्यादा होता है।
सेकेंडरी मार्केट में बॉन्ड यील्ड ब्याज दरों में परिवर्तन पर तेजी से रिएक्ट करती है। वहीं, एफडी की ब्याज दरें देरी से बढ़ती हैं।
हालांकि, डेट फंड रिटर्न की गारंटी नहीं देते हैं। वहीं, एफडी में रिटर्न की गारंटी होती है।
फिक्स्ड डिपॉजिट में लगाई गई 5 लाख रुपये तक की रकम पर पूरी तरह सुरक्षित होती है। लेकिन, डेट फंड में ऐसी कोई गारंटी नहीं मिलती।
एफडी में निवेश करने पर कोई चार्ज नहीं लगता है। वहीं डेट फंड में निवेश पर रिकरिंग एक्सपेंस रेश्यो चार्ज लगता है। यह एक फीसदी तक हो सकता है।