जाने बजट से जुड़े ये रोचक तथ्य!

केंद्रीय बजट 2023-24 की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, तो ऐसे में पिछले बजटों से जुड़े कुछ अनोखे तथ्यों को जानना भी काफी रोचक रहेगा।

आज हम आपको पिछले बजटों से जुड़े कुछ अनोखे तथ्यों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में शायद ही आपको जानकारी होंगी।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण  ने 2019 में 'बही खाता (Bahi Khata)' में बजट लाने की सदियों पुरानी परंपरा को तोड़ दिया था। वित्त मंत्री के इस कदम ने ​ब्रीफकेस में बजट लाने की परम्परा को खत्म कर दिया गया था।

आर के शनमुखम चेट्टी (RK Shanmukham Chetty) ने 26 नवंबर, 1947 को स्वतंत्र भारत का पहला बजट पेश किया था। चेट्टी ने 1947 से 1948 तक भारत के पहले वित्त मंत्री के रूप में काम किया था।

आजादी के बाद से अब तक कुल 73 एनुअल बजट (Annual Budgets), 14 अंतरिम बजट (Interim Budgets) और चार स्पेशल या मिनी-बजट (Special Budgets or Mini-Budgets) पेश किए गए हैं।

जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru), इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) और राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने बजट भी पेश किया।

साल 2016 तक आम बजट (Union Budget) फरवरी के आखिरी दिन पेश किया जाता था। लेकिन अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने इसे 2017 में 1 फरवरी को पेश किया, जिसके बाद से यह परंपरा अभी भी जारी है।

2017 तक रेलवे और केंद्रीय बजट अलग-अलग दिन पेश किया जाता था। 92 साल तक अलग-अलग पेश किए जाने के बाद 2017 में रेल बजट को केंद्रीय बजट में मर्ज कर एक साथ पेश किया गया।

'हलवा सेरेमनी (Halwa Ceremony)' वित्त मंत्रालय द्वारा मनाया जाने वाला एक अवसर है, जो बजट प्रिंटिंग प्रक्रिया की शुरुआत का प्रतीक है।

'हलवा' पारंपरिक तरीके से तैयार किया जाता है और देश के लिए बजट बनाने की कवायद में शामिल पूरे कर्मचारियों को परोसा जाता है। बजट पेपरलेस होने के कारण पिछले साल 'हलवा सेरेमनी' नहीं हुआ था।

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