जाने इन्वेस्टर और ट्रेडर के बीच का अंतर!

अक्सर इन्वेस्टर और ट्रेडर को एक समझ लिया जाता है, लेकिन ये एक नहीं हैं। चलिए जानते है कैसे।

इन्वेस्टर और ट्रेडर?

इन्वेस्टर या निवेशक वह होता है जो लंबे समय के लिए प्रतिभूतियों में पैसा निवेश करता है।  वहीं, जो ट्रेडिंग का काम करते हैं, उन्हे ट्रेडर कहा जाता है।

ट्रेडिंग में जल्दी पैसा कमाने के लिए छोटी अवधि के लिए शेयर बाजार में निवेश किया जाता है और इस दौरान शेयर के उतार-चढ़ाव से होने वाला लाभ उनका मुनाफा होता है।

दूसरी तरफ, इन्वेस्टर कई सालों तक और पूरे निवेश चक्र के दौरान ब्याज, लाभांश जैसे लाभ अर्जित करता है।

दोनों में अंतर?

ट्रेडिंग में स्टॉक को एक या दो दिन के लिए ट्रेडर अपने पास रखता है और फिर इसकी बिक्री कर दी जाती है, जबकि इन्वेस्टमेंट एक साल से लेकर 20 साल तक रख सकता है।

एक इन्वेस्टर पैसा लगाने से पहले इससे मिलने वाले लाभ, फंड, स्टॉक प्राइस और पैटर्न को ध्यान में रखते हैं। वहीं, एक ट्रेडर पैसे लगाने से पहले किसी भी कंपनी की भविष्य की संभावनाओं के बारे में पता लगाता है।

ट्रेडिंग की तुलना में एक इन्वेस्टमेंट कम रिस्की होता है, क्योंकि यह कम समय में हीने वाले गिरावट से बाहर रहता है। वहीं, ट्रेडिंग 'शॉर्ट सेलिंग' की लिस्ट में आता है, जिसमें खुले बाजार में शेयरों की खरीद-बिक्री होती है।

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