आज हम आपको बौद्ध धर्म के ये प्रसिद्ध स्थल बताने जा रहे हैं, जहां जाने पर मन को संतुष्टि और शांति की प्राप्ति होती हैं.
गौतम बुद्ध का जन्म यहीं हुआ था. यहां के प्राचीन विहार नष्ट हो चुके हैं. केवल अशोक का एक स्तम्भ है, जिस पर खुदा है- ‘भगवान् बुद्ध का जन्म यहां हुआ था.’
भगवान बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश यहीं दिया था. यहीं से उन्होंने धर्मचक्र प्रवर्तन प्रारंभ किया था. सारनाथ में बौद्ध-धर्मशाला है.
गोरखपुर जिले में कसिया नामक स्थान ही प्राचीन कुशीनगर है. यहां खुदाई से निकली मूर्तियों के अतिरिक्त माथाकुंवर का कोटा ‘परिनिर्वाण स्तूप’ तथा ‘विहार स्तूप’ दर्शनीय हैं.
भोपाल से 28 मील दूर और भेलसा से 6 मील पूर्व सांची स्टेशन है और उदयगिरि से सांची पास ही है. यहां बौद्ध स्तूप हैं, जिनमें एक की ऊंचाई 42 फुट है.
पश्चिम रेलवे की मुंबई-दिल्ली लाइन में बड़ौदा से 23 मील आगे चांपानेर रोड स्टेशन है. चांपानेर रोड से 12 मील पर पावागढ़ स्टेशन है. इस स्टेशन से पावागढ़ बस्ती लगभग एक मील दूर है.