सनातन धर्म में पूर्णिमा का एक विशेष महत्व है। इस दिन चंद्रमा अपने पूर्ण आकार में होता है।
इस दिन जल और वातावरण में एक विशेष ऊर्जा होती है।
चंद्रमा इस तिथि के स्वामी होते हैं। साथ ही इस दिन स्नान, दान का भी विशेष महत्व है।
1 अगस्त यानी सावन मास अधिक मास की पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ माता लक्ष्मी और चंद्रमा की पूजा जरूर करें।
इस दिन जरूरतमंदों को अन्न, धन, वस्त्र या चावल जैसी चीजों का दान करना चाहिए।
माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए पूर्णिमा के दिन अष्टालक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।
वहीं, अगर आप आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं तो ऐसे में आपको अधिक मास की पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी को खीर का भोग लगाना चाहिए।