किठौर में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने मुसलमानों को ललकारा
मेरठ। मेरठ की जमीन से अंग्रेजों के खिलाफ जेहाद शुरू हुआ था। अब मेरठ से ही मुसलमानों को अपने इंसाफ के लिये उठना पड़ेगा। मेरठ में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, सीएए में मरने वाले शहीदों का नाम हमे भूलने नहीं हैं। मेरठ के मुसलमानों के हक की आवाज सत्ता के कानों तक पहुंचाने के लिये ही मैं यहां आया हूं।
एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने आज मेरठ के किठौर में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा की, मुसलमानो को अपनी अहमियत पहचानाना होगा, जिस मुसलमान का वोट लिया जाता है उसका सीएम कोई नहीं है। टोपी पहन कर मुसलमानों के घर आने वाले नेताजी अपनी राजनीतिक रोटियां सेकते हैं।
प्रियंका गांधी का नाम लिये बिना उन्होंने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि उन्नाव के फैसल की मौत भी पुलिस कस्टडी में हुई, मोहतरमा आप वहां क्यों नहीं गयीं? मोदी जी कहते हैं घर मंे घुसकर मारेंगे, मैं कहता हूं जो घर में घुसे हैं उन्हें बाहर निकालिये। मुसलमानों को कहा जाता है पाकिस्तान जाओ और कल दोनों देश क्रिकेट मैच खेलेंगे। ओवैसी ने कहा वतन से आज भी है और कल भी रहेगी। उन्होंने अखिलेश यादव को लेकर कहा कि तीन इलेक्शन हारने वाली पार्टी को मुसलमान 2022 में वोट देने की गलती न करें। सपा, बसपा, कांग्रेस, भाजपा पर तीखे प्रहार करने वाले ओवैसी ने चुटीले अंदाज में राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा की ‘50 साल का बच्चा शादी नहीं करता तो भी ओवैसी जिम्मेदार होता है।’
सपा सरकार के कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के गढ़ में पहुंचे ओवैसी ने जनता से पूछा क्या शाहिद तुमको मंजूर है? उन्होंने बसपा नेता मुनकाद अली पर निशाना साधते हुए कहा कि दो बार उनकी सरकार बनने के बाद भी किठौर को तहसील नहीं बनाया गया। ओवैसी ने कहा, मुसलमानों का वोट केवल जितने के लिये लिया गया उनके विकास के लिये नहीं। मंच पर मौजूद अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन ने अतीक अहमद का जेल से लिखा खत पढ़ा। इस पत्र में अतीक अहमद ने किठौर से एआईएमआईएम के प्रत्याशी तसलीम अहमद को जिताने की अपील की।

