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बदला युद्ध का तरीका, समाज बांटकर तोड़े जा रहे देश


बदला युद्ध का तरीका, समाज बांटकर तोड़े जा रहे देश

हैदराबाद। राजनीतिक और सैनिक मकसद हासिल करने के लिये युद्ध का तौर-तरीका बदल गया है। बेहद महंगे हो गये युद्ध को अफोर्ड करना हर देश के बस में नहीं है। ऐसे में अब किसी देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के तरीके बदल गये हैं। अब समाज को बांटकर देश को तोड़ा जा रहा है।

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हैदराबाद में प्रोबेशनरी आईपीएस अधिकारियों के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि युद्ध बहुत महंगे होने के साथ उनका परिणाम भी अनिश्चित होता है। अब युद्ध लड़ने के तरीकों में भी बदलाव आ गया है। समाज को नष्ट करना इसी युद्ध का नया हथियार हैै। समाज को बांटकर और लोगों में भ्रम फैलाकर किसी भी देश को नुकसान पहुंचाया जा सकता है जो सैन्य हथियारों से लड़े जाने वाले युद्ध से अधिक खतरनाक होता है। युद्ध की चैथी पीढ़ी के रूप में समाज को टारगेट किया जा रहा है।

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अजीत ढोभाल ने कहा कि पाकिस्तान, चीन, म्यांमार और बांग्लादेश से सटी भारतीय सीमा की लंबाई 15,000 किलोमीटर है और बार्डर पर चैकसी रखने में पुलिस का बड़ी भूमिका है। वहीं देश के भीतर 32 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में कानून-व्यवस्था बनाये रखने की जिम्मेदारी पुलिस फोर्स की है। अजीत ढोभाल ने कहा कि आने वाले दिनों में सीमाओं पर समस्याओं को देखते हुए आपकी जिम्मेदारी भी बढ़ेंगी।

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