हरिद्वार। धर्म संसद में भाषण के जरिए नफरत फैलाने के मामले में रोशनाबाद जेल में बंद उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी उर्फ वसीम रिजवी को आज जेल से सशर्त जमानत पर रिहा कर दिया गया। जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी उर्फ वसीम रिजवी के जेल से रिहा होने पर उनका स्वागत और अभिनंदन करने के लिए अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी समेत कई संत हरिद्वार जिला कारागार के बाहर मौजूद थे। जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी के जेल से बाहर आते ही संतो ने शॉल ओढ़ाकर और माला पहनाकर उनका स्वागत और अभिनंदन किया। इस दौरान जितेंद्र नारायण त्यागी ने कहा कि वह अब हिंदू समाज के लिए काम करना चाहते हैं। मदरसों के सर्वे पर पूछे सवाल के जवाब में जितेंद्र नारायण त्यागी ने कहा कि मदरसों को लेकर वह पहले भी अपना बयान दे चुके हैं और आज वह उसी बयान पर कायम हैं कि मदरसों को खत्म कर दिया जाना चाहिए।
बता दें कि कउत्तरी हरिद्वार वेद निकेतन में 17 से 19 दिसंबर तक धर्म संसद का आयोजन किया गया था। आरोप है कि इसमें जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी ने नफरती भाषण दिया था। जिसका वीडियो वायरल होने पर 27 दिसंबर को कोतवाली में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इसी साल 13 जनवरी को पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया था और अदालत ने ने हरिद्वार जेल भेज दिया था। 17 मई को सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल ग्राउंड के आधार पर उनको तीन महीने की अंतरिम जमानत दी गई थी। जमानत अवधि पूरी होने पर तीन सितंबर को त्यागी ने कोर्ट में फिर से आत्मसमर्पण किया था। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने त्यागी की जमानत सशर्त मंजूर कर दी। जिसके बाद उनको आज जेल से रिहा कर दिया गया है।
