नई दिल्ली। काबुल एयरपोर्ट पर कभी आतंकी हमला हो सकता है। अमरीका और ब्रिटेन ने सेफ्टी के मद्देनजर अपने-अपने देश के लोगों को काबुल एयरपोर्ट की ओर ना जाने का हिदायत दी है। टेरेरिस्ट अटैक की आशंका से इन देशों ने अपने लोगों को एयरपोर्ट से दूर रहने को कहा है।
वेंस-डे को दोनों ही कंट्रीज ने अपने हजारों देशवासियों के लिए एक चेतावनी जारी की जो काबुल एयरपोर्ट के आसपास या अंदर हैं। मालूम हो कि, यह नागरिक अपने-अपने देश वापस जाने के लिए फ्लाइट के इंतजार में है।
गुजरे दस दिनों में काबुल से 82,000 उन लोगों को सुरक्षित निकाला गया जो विभिन्न देशों के नागरिक थे। असल में 31 अगस्त तक बाहरी देश अफगानिस्तान छोड़ देने को प्रयासरत हैं।
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अमरीकी विदेश सचिव एंटनी ब्लिंकन ने कहा है कि, तालिबान ने देश खाली करने का अल्टीमेटम 31 अगस्त से आगे बढ़ाने की मांग को नाकार कर दिया है फिर भी उसका कथन है कि 31 अगस्त के बाद भी विदेशी और अफगानी लोग देश से निकल सकेंगे।
अपनी चेतावनी में अमरीकी फॉरेन डिपार्टमेंट ने कहा है कि जो लोग एयरपोर्ट के ईस्ट और नॉर्थ गेट पर हैं वह तुरंत अफगानिस्तान से बाहर निकल जाएं। यही नहीं इससे पहले, ब्रिटेन ने भी इसी तरह की चेतावनी में लोगों से सुरक्षित जगह पर जाने हिदायत दी थी।
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ब्रिटेन के फॉरेन ऑफिस के मुताबिक, अफगानिस्तान में सिक्योरिटी अस्थिर है। कहा है कि वहां टेरेरिस्ट अटैक का ख़तरा है। इस बीच अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि अमरीका अपनी एयरलिफ्ट प्रॉसेस को शीघ्र कम्प्लीट कर लेगा क्योंकि अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट यानि आईएस समूह का टेरर बढ़ रहा है।

