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वार्नी! क्रिकेट को तुमपर नाज़ था और रहेगा


वार्नी! क्रिकेट को तुमपर नाज़ था और रहेगा

अमित बिश्‍नोई

क्रिकेट के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में से एक स्पिन कला को नए शिखर पर ले जाने वाले दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर शेन वार्न ( Shane Warne)सिर्फ 52 साल की उम्र दुनिया से रूठकर चले गए. दुनियाए क्रिकेट के इस ज़िंदादिल इंसान का दिल अचानक धड़कना बंद हो गया और क्रिकेट फैंस के दिल को ऐसा सदमा दे गया जिससे उबरना आसान नहीं. मौत तो किसी की भी, कभी भी आ सकती है मगर 52 साल की उम्र भी कोई दुनिया छोड़ने की उम्र होती है? पर मौत वह है जिसपे ज़माना करे अफ़सोस और यक़ीनन आज खेलों की दुनिया अफ़सोस में डूबी हुई है।

विजडन में नामित वार्नी (warnie) (सब प्यार से उन्हें इसी नाम से पुकारते थे) ने 1992 और 2007 के बीच ऑस्ट्रेलिया के लिए 15 साल के करियर में 708 टेस्ट विकेट लिए। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के लिए तो यह बहुत बड़ा सदमा है क्योंकि इसी हफ्ते उनके एक और महान क्रिकेटर पूर्व विकेटकीपर रॉड मार्श की दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई थी, हालाँकि उनको 74 साल का जीवन मिला।

“वार्नी” (warnie)वह स्पिनर हैं जिसने ऑस्ट्रेलिया में स्पिन कला को नया आयाम दिया, तेज़ गेंदबाज़ों के वर्चस्व वाली टीम में अपना स्थान बनाया और फिर लेग स्पिन को ऐसा हथियार बनाया जिससे बड़ी बड़ी टीमें धराशायी हो गयी। अपने इन 15 वर्षों के क्रिकेट काल में शेन वार्न (shane warne)ने कुछ ऐसी कालजयी गेंदे फेंकी जो क्रिकेट के इतिहास ऐसे दर्ज हो गयी जैसे मील का पत्थर। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और ज़बरदस्त बल्लेबाज़ माइक गैटिंग को वार्नी ने सबसे पहले उसी कालजयी डिलीवरी से बोल्ड आउट किया था। उस वक्त उसे “सदी की गेंद” कहा गया था. फिर इसके बाद एक लम्बी फेहरिस्त है ऐसे बल्लेबाज़ों की जो इस दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ की विस्मयकारी गेंदों का शिकार बने। 90 के दशक की शुरुआत में वह अकेले ऐसे लेग स्पिनर थे जिनसे बड़े से बड़ा बल्लेबाज़ कांपता था।

ऑस्ट्रेलियाई महान स्पिनर शेन वार्न को सलाम..

हालांकि शेन वार्न के समय पाकिस्तान के अब्दुल कादिर का भी जलवा था, लेकिन वार्नी की गेंदबाज़ी का क्लास अलग था और यह बात उनके द्वारा स्थापित किये गए आंकड़ों से साबित होती है। जिस तरह ऑफ स्पिन के कला में श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन का कोई मुकाबला नहीं उसी तरह लेग स्पिन की कला में शेन वार्न का कोई सानी नहीं।

वार्नी का विवादों से भी बड़ा करीबी रिश्ता रहा है लेकिन एक लीजेंड की आत्मा की शांति के लिए मैं आज उन विवादों का ज़िक्र नहीं करूंगा। शेन वार्न की घातक फ्लिपर्स, टर्निंग लेग ब्रेक और खतरनाक टॉप स्पिन ने दुनिया के बल्लेबाज़ों को बहुत परेशान किया मगर एक बल्लेबाज़ ऐसा भी रहा जिससे वार्नी परेशान रहते थे। यह बल्लेबाज़ और कोई नहीं अपने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर थे जो शेन वार्न के सपनों में आया करते थे और उनकी गेंदों की धुनाई किया करते थे।

वार्ने आईपीएल में भी अपनी गेंदबाज़ी और अपने नेतृत्व का जलवा दिखा चुके हैं। पहले आईपीएल में यह शेन वार्न की कप्तानी और शानदार गेंदबाज़ का ही कमाल था जिसने राजस्थान रॉयल्स को पहला चैम्पियन होने का गौरव हासिल हुआ, इसके बाद आजतक राजस्थान रॉयल्स आईपीएल खिताब से महरूम है।

महान ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर शेन वार्न का 52 साल की उम्र में निधन

सक्रिय क्रिकेट से अलविदा लेने के बाद शेन वार्न कमेंट्री के मैदान में उतर गए और इस मैदान में भी उन्होंने झंडे गाड़े। लेकिन मौत से किसकी यारी है आज मेरी कल तुम्हारी बारी है। मौत से कुछ घंटो पहले अपने ट्वीट में वार्नी ने रॉड मार्श के निधन पर दुख व्यक्त किया था, क्या पता था यह उनका आखरी ट्वीट होगा। शेन वार्न ने क्रिकेट में जो उपलब्धियां हासिल की हैं वह इतनी हैं कि उन्हें इस लेख में समेटा नहीं जा सकता। बस इतना समझ लीजिये कि जितने ऊंचे क़द के वह गेंदबाज़ रहे, उतने ही ऊंचे क़द की उनकी उपलब्धियां है जो क्रिकेट के आंकड़ों की किताबों के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों से दर्ज हैं, साथ ही साथ उनकी ज़िंदादिली भी उन्हें उतना ही ऊंचा इंसान भी बनाती है. वार्नी! क्रिकेट को तुमपर नाज़ था और हमेशा रहेगा।

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