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Vivo के लुभावने आफर के महाकुंभ में पहले लगाई डुबकी अब सर्विस सेंटर से मिल रहा धोखा

Vivo

लखनऊ। चीन मोबाइल कंपनी वीवो के स्मार्ट फोन लोगों ने लुभावना आफर देखकर पहले तो खरीद लिए। लेकिन अब वीवो के स्मार्ट फोन यूजर्स की सिरदर्दी भी बढ़ रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी उन वीवो स्मार्ट फोन यूजर्स केा हो रही है। जिनके स्मार्ट फोन में कोई खराबी आ गई है। क्योंकि वीवो कंपनी की आफ्टर सेल सर्विस की व्यवस्था अब बेहद बुरी हालात में पहुंच गई है। मेरठ के बागपत रोड स्थित एक मोबाइल विक्रेता ने बताया लोगों ने कुछ महीने पहले वीवो कंपनी के मोबाइल लुभावने आफर देखकर हाथों—हाथ लिए। लेकिन अब वीवो के स्मार्ट फोन में कई तरह की परेशानी आ रही है। उन्होंने कहा कि कुछ एक में ऐसी परेशानी हो तो चलता है। लेकिन यहां तो वीवो के अधिकांश फोन में इसी तरह की परेशानी आ रही है। शास्त्रीनगर के रहने वाले सोनू अरोडा ने एक साल पहले वीवो का स्मार्ट फोन 25 हजार रुपये में खरीदा था।

लेकिन उनके मोबाइल में चार महीने बाद ही परेशानी शुरू हो गई। सोनू ने बताया कि उनका मोबाइल बार—बार हैंग होता था। वो जब मोबाइल के सर्विस सेंटर पर गए और अपनी परेशानी बताई। मोबाइल को सर्विस सेंटर पर जमा कर लिया गया और पूरे एक महीने बाद उनका मोबाइल वापस मिला। लेकिन उसके बाद दूसरी परेशानी नेटवर्क की शुरू हो गई। बेचारे सोनू आज तक वीवो के इस मोबाइल से परेशान हैं। गढ़ रोड स्थित एक मोबाइल विक्रेता का कहना है कि इस चाइनीज कंपनी ने बेहतरीन फीचरों वाला मोबाइल तो लांच किया। लेकिन इसकी गुणवत्ता का कोई ध्यान रहीं रखा गया। फोन के फीचर तो अच्छे थे लेकिन इसकी क्वालिटी बहुत घटिया निकली।

फोन गिरते ही इसकी स्क्रीन टूट जाती है। सर्विस सेंटर जाने पर फोन छोड़ने पर यह एक या दो महीने से पहले नहीं मिलता। कंपनी कई बार सर्विस सेंटर से बैकअप फोन देने की बात कह करता है। इसी कारण से लोग थककर अपने आसपास के लोकल रिपेयरिंग सेंटर से ही फोन को ठीक करवा रहे हैं।

पिछले साल वीवो के स्मार्ट फोन की तगड़ी सेल को लोगों ने हाथों हाथ लिया। लोगों ने वीवो के इस आफर महाकुंभ में तेजी से डुबकी लगाई और कई हजार रुपये अपने मनपसंद फोन खरीदने में फंसा बैठे। चीन की मोबाइल कंपनी ने भारत में लोगों से धोखा किया और कंपनी ने अपने ग्राहकों की सुविधा के लिए सर्विस सेंटरों में कोई खास तैयारी नहीं की। अब वीवो कंपन के सर्विस सेंटरों पर किसी भी तरह की लापरवाही होने पर सर्विस सेंटर कंपनी पॉलिसी पर और कंपनी सर्विस सेंटर पर दोष मढ़ रहे हैं। कंपनी ने सर्विस सेंटर पर अपने डेडिकेटेड स्टाफ को नहीं रखा है। ऐसे में वीवो की सही पॉलिसी की जानकारी मिलना भी लोगों को काफी मुश्किल हो रहा है। कई बार शिकायतें करने पर कस्टमर के साथ बदसलूकी की भी जानकारी सामने आई है।

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