नवंबर और दिसंबर दो महीने इस बार शादी ब्याह के खूब मुहूर्त हैं। यानी इन दो महीनों में खूब धूम—धड़ाका होगा। जुलाई महीने में देवशयनी एकादशी के दिन से श्री हरि विष्णु चार महीने योग निद्रा में रहते हैं। इस कारण से इन चार महीनों में सभी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्य पर रोक लग जाती है। इसके बाद देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु का शयन काल खत्म होता है और इसी दिन से विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों की भी शुरूआत हो जाती है। हिंदू धर्म में किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य को करने के लिए शुभ समय देखना जरूरी होता है। इस बार देवउठनी एकादशी 4 नवंबर, शुक्रवार को पड़ रही है। ज्योतिष के मुताबिक इस दिन से भगवान विष्णु भी नींद से उठ जाएंगे।
इसके अगले दिन तुलसी विवाह किया जाएगा। इस बार तुलसी विवाह पांच नवंबर को होगा। उसके बाद से ही शादी ब्याह की शुरूआत हो जाएगी। देव उठनी एकादशी इस बार 4 नवंबर को है। लेकिन ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक इस दौरान सूर्य की स्थिति विवाह के लिए उचित नहीं मानी जा रही है। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो सूर्य इस दौरान वृश्चिक राशि में होंगे। इस कारण देव उठने के बाद भी विवाह के लिए कोई मुहूर्त नहीं है।
नंवबर 2022 में विवाह के मुहूर्त
21 नवंबर 2022
24 नवंबर 2022
25 नवंबर 2022
27 नवंबर 2022
दिसंबर 2022 में विवाह के मुहूर्त
2 दिसंबर 2022
7 दिसंबर 2022
8 दिसंबर 2022
9 दिसंबर 2022
14 दिसंबर 2022
कार्तिक मास में आने वाली शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवोत्थान, देवउठनी या प्रबोधिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह एकादशी दीपावली बाद आती है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयन और कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी के देव उठते हैं। इसी लिए इसको देवोत्थान एकादशी कहा जाता है। कहते हैं देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में चार महीने शयन के बाद जागते हैं। भगवान विष्णु के शयनकाल के चार महीने विवाह आदि मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। इसीलिए देवोत्थान एकादशी पर श्रीहरि के जागने के बाद शुभ और मांगलिक कार्य शुरू होते हैं। इसी दिन तुलसी विवाह का आयोजन भी किया जाता है।

