महान बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर के साथ अपना कैरियर शुरू करने वाले उनके बचपन के सखा और गुरु भाई विनोद कांबली इन दिनों ग़ुरबत के दिन गुज़ार रहे हैं. उनके जीवन यापन का एकमात्र सहारा BCCI द्वारा उन्हें हर महीने मिलने वाली तीस हज़ार रूपये की पेंशन है, कंगाल हो चुके कांबली की अर्श से फर्श तक पहुँचने की दास्तान भी बड़ी अजीब है. गुरु रमाकांत आचरेकर की नज़रों में सचिन से ज़्यादा टैलेंटेड विनोद कांबली आज गुमनामी के अँधेरे में गुम हो गए हैं वहीँ उनके बाल सखा सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के एक आइकोनिक स्टार हैं. रिटायरमेंट के बाद भी दुनियाए क्रिकेट में उनका जलवा कायम है.
ऐसा नहीं कि कांबली अच्छा नहीं खेले, बल्कि उनकी शुरुआत तो सचिन से भी ज़्यादा धमाकेदार थी, लोगों का मानना था कि बाल सखाओं की यह जोड़ी भारतीय क्रिकेट में एक इतिहास लिखेगी लेकिन फिर न जाने क्या हुआ कि सचिन आगे बढ़ते गए और कांबली धीरे धीरे गिरते गए. गिरावट सिर्फ खेल में ही नहीं उनके किरदार में भी आती गयी, विवादों से उनका चोली दामन का साथ हो चला, जिसके कारण सचिन ने भी उनसे दूरी बना ली. जैसे जैसे सचिन का सितारा बुलंद होता गया कांबली और फ़्रस्ट्रेटेड होते गए. वह बार बार इस बात को दोहराते रहे कि वह सचिन से ज़्यादा टैलेंटेड हैं.
Read also: Rohingya Refugees: रोहिंग्यों को EWS फ्लैट्स में बसाने की बात पर केंद्र सरकार ने मारा यू टर्न
बहरहाल अभी हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी आर्थिक बदहाली की दास्तान बताई कि इन दिनों किस कंगाली की हालत में उनका जीवन बीत रहा है. BCCI की यह मामूली पेंशन न मिल रही होती तो खाने के भी लाले पड़ जाते, वैसे मुंबई जैसे शहर में तीस हज़ार रूपये में गुज़र बसर करना बड़ा मुश्किल काम है. कांबली के पास इन दिनों कोई भी काम नहीं है, उनसे कोई भी क्लब कोचिंग का काम नहीं ले रहा और न ही वह कोई एंटरटेनमेंट शो का हिस्सा हैं, कांबली के मुताबिक उनकी आर्थिक स्थिति के बारे में सचिन को सब पता है लेकिन वह सचिन से मदद नहीं मांगेगे, हाँ BCCI से वह ज़रूर अपेक्षा रखते हैं कि वह उन्हें कोई काम दे दे ताकि उनकी आर्थिक स्थिति में कुछ सुधार आ सके.
