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विनोबा जी का सहज और सरल जीवन अध्यात्मिकता और जिज्ञासा का समन्वय: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल


विनोबा जी का सहज और सरल जीवन अध्यात्मिकता और जिज्ञासा का समन्वय: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

लखनऊः आचार्य विनोबा भावे ने गांधी जी के साथ मिलकर देश के स्वाधीनता आन्दोलन में महत्वपूर्ण कार्य किया है। स्वतंत्रता के पश्चात समाज सुधार के आन्दोलन की शुरूआत की। इस सन्दर्भ में उनके भूदान एवं सर्वोदय आन्दोलन बहुत प्रभावी रहे। ये विचार उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज जनपद शाहजहांपुर में रोजा बरतारा स्थित विनोबा सेवा आश्रम के 40वें स्थापना समारोह दिवस के अवसर सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि विनोबा भावे जी का स्पष्ट मत था कि नेतृत्व वही सफल हो सकता है जो सबको साथ लेकर चले। विनोबा जी का सहज और सरल जीवन अध्यात्मिकता और जिज्ञासा का समन्वय था।

इस अवसर पर राज्यपाल ने त्रिमाता उपासना कुटीर का लोकार्पण किया तथा उन्होंने त्रिमाता उपासना कुटीर में महिला किसानों की समस्या सुनी और निर्देश दिया कि निराश्रित महिलाओं को पेंशन योजना से लाभान्वित किया जाए व उनकी हर सम्भव मदद की जाए। राज्यपाल ने कहा है कि आवास योजना के हर पात्र लाभार्थियांे को लाभ दिया जाए। गोल्डेन कार्ड का लाभ अभियान चलाकर कैम्प के माध्यम से पात्रों को उपलब्ध कराया जाए।

श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने विनोबा सेवा आश्रम में 25 महिला किसानों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने वहां जैविक खेती व केंचुए से खाद बनाने की प्रक्रिया देखी और उसकी सराहना भी की। इसके साथ ही विनोबा सेवा आश्रम में विभिन्न विभागों एवं विनोबा सेवा आश्रम द्वारा किये जा रहे कार्यो की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा आश्रम की गौशाला का निरीक्षण किया और गौशाला में गाय को गुड़ खिलाया। इस दौरान राज्यपाल ने आश्रम में पौधा भी रोपित भी किया।

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