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Pandav Teela in Hastinapur ​​​​​​: हस्तिनापुर के संरक्षित स्थल पर मजार बनाने पर विहिप और बजरंग दल का हंगामा

मेरठ। महाभारत कालीन हस्तिनापुर में अब मजार बनाए जाने का मामला सामने आया है। ये मजार महाभारत काली पांडव टीला के उल्टा खेड़ा में गुपचुप तरीके से बनाई जा रही थी। इसकी जानकारी विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं केा लगी तो हंगामा हो गया। बताया जाता है कि मजार को रातों रात तैयार कर दिया गया और यहां पर प्रसाद और चादर भी चढ़ाने की तैयारी शुरू हो चुकी थी। हंगामा बढ़ता देख पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने पूरे मामले की जांच की। 
महाभारत कालीन पांडव टीला में उल्टा खेडा पर रात में गुपचुप तरीके से मजार स्थापित कर दी गई। वहीं मजार बनाने के बाद उस पर प्रसाद और चादर की ताजपोशी भी की जाने लगी। इसकी जानकारी जैसे ही विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं हुई उनमें रोष है। जिसको लेकर सभी कार्यकर्ता थाना प्रभारी के पास पहुंचे। थाना प्रभारी को पूरी जानकारी देने के बाद विहिप और बजरंग दल कार्यकर्ता मजार पर पहुंच गए और वहां पर चादर चढ़ा रहे लोगों को विरोध कर भगा दिया। इसी दौरान प्रशासनिक वरिष्‍ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।

बुधवार शाम के समय एसडीएम व सीओ ने एएसआई कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी जुटाई। बता दें कि पांडव टीला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अंतर्गत संरक्षित क्षेत्र है। जिस पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्या या क्रियाकलाप प्रतिबंधित है। लेकिन इन सभी नियमों और कानूनों को ताक पर रखकर गुपचुप तरीके से पिछले कुछ दिनों में रात में निर्माण कार्य करके नई मजार बना दी गई। इस मजार पर लोगों ने प्रसाद और चादर चढ़ाना प्रारंभ कर दिया। इसकी जानकारी जब हस्तिनापुर कस्बे के जिम्मेदार लोगों और विहिप, बजरंग दल के कार्यकर्ताओ को लगी तो रोष फैल  गया। इस संबंध मे कार्यकर्ता एसडीएम मवाना अखिलेश यादव से मिले और इस पर कड़ी नाराजगी जताई। जिस पर उन्होंने जांच कर जरूरी कानूनी कार्यवाही का आश्वासन दिया था।

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इसके बाद कार्यकर्ता थाना प्रभारी केपीएस राठौर से मिले तथा मजार को हटाने की बात कही। तत्पश्चात बजरंग दल कार्यकर्ता पांडव टीले पर बनाई गई मजार पर पहुंचे तथा विरोध प्रकट किया। उनका कहना है कि जब यहां किसी तरह के क्रियाकलाप प्रतिबंधित है तो यह संरक्षित क्षेत्र में कैसे बना दिया गया। जिस पर थाना प्रभारी ने उन्हें समझाया कि उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार ही कार्य किया जाएगा। एसडीएम मवाना अखिलेश यादव व सीओ मवाना उदय प्रताप सिंह, एएसआई कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने संरक्षण सहायक दिलीप सिंह व अरविंद राणा से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने यह पूछा कि किस व्यक्ति द्वारा यह निर्माण कराया हैं। पता चलने पर उसे हटाने के लिए कहा गया। जिस पर उसने रजामंदी करते हुए स्वयं हटा लेने की बात कहीं है। वहीं विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कहा कि अगर 24 घंटे के भीतर मजार को नहीं हटाया गया तो वो खुद ही मजार को तोड़कर वहां से हटा देंगे।

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