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UP Politics: अमेठी से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ेंगे वरुण गांधी! यूपी सरकार को लिखी चिट्ठी

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UP Politics News, Lok sabha election 2023 : भाजपा सांसद वरुण गांधी अपने गांधी परिवार के करीब आते दिख रहे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या भाजपा सांसद वरुण गांधी लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस से अमेठी या रायबरेली के उम्मीदवार होगें! सियासी गलियारों में यह कयास इसलिए भी लगाए जा रहे हैं, क्योंकि रायबरेली के मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल का उत्तर प्रदेश सरकार ने लाइसेंस रद्द किया है।

संजय गांधी अस्पताल का शुभारंभ पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया

रायबरेली संजय गांधी अस्पताल का शुभारंभ वरूण गांधी की दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था। इलाके के मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं और अपनी दादी के हाथों से उद्घाटन किए अस्पताल के निलंबन पर वरुण गांधी ने उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक को चिट्ठी लिखी है। इससे पहले भी सियासी गलियारों में यह बात उठती रही कि क्या वरुण गांधी आने वाले चुनाव में कांग्रेस के साथ अपनी राजनीति शुरू करेंगे। वरूण गांधी ने जिस तरीके से रायबरेली की जनता को हो रही परेशानी के लिए चिट्ठी लिखी है। उससे सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार फिर से गर्म हो गया है।

जिला प्रशासन ने संजय गांधी का अस्पताल का लाइसेंस निलंबित किया

रायबरेली के मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल में पथरी का इलाज कराने पहुंची महिला की सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया की ओवरडोज दिए जाने की शिकायत सामने आई। उसके बाद महिला कोमा में चली। लखनऊ के मेदांता अस्पताल आगे के इलाज के लिए भेजा गया। जहां महिला की मौत हो गई। घटना से नाराज परिजनों और गांव के लोगों ने प्रदर्शन के बाद अस्पताल के सीईओ और तीन अन्य चिकित्सकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। रायबरेली के सीएमओ डॉक्टर अंशुमान सिंह का कहना है कि जिला प्रशासन ने संजय गांधी का अस्पताल का लाइसेंस निलंबित करते हुए नोटिस जारी कर ओपीडी और इमरजेंसी सेवा बंद करने का निर्देश दिया है।

घटना के बाद पीलीभीत से भाजपा सांसद वरुण गांधी ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक को चिट्ठी लिखकर योगी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने संजय गांधी अस्पताल के लाइसेंस को निलंबित करने पर न सिर्फ गहरी नाराजगी जताई, बल्कि अस्पताल के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई में जांच के न होने की बात कहते हुए सवाल उठाए हैं। वरूण गांधी ने अपनी चिट्ठी में उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह मरीज के हितों को ध्यान में रखते हुए उनकी चिट्ठी में की मांग पर विचार करें। वरुण गांधी ने लिखी गई चिट्ठी में स्पष्ट तौर पर लिखा है कि अस्पताल का शिलान्यास 1982 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था।

अस्पताल कई दशकों तक अमेठी और इसके पड़ोसी जिलों में लोगों के लिए दृढ़ स्तंभ के रूप में खड़ा रहा है। संस्थान सालों से नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, जनरल सर्जरी और स्त्री रोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में आवश्यक और बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।

वरूण ने समस्याओं को प्रमुखता से उठाया

वरूण गांधी की चिट्ठी के मजमून पर राजनीतिक जानकार अब कयास लग रहे हैं। रायबरेली के वरिष्ठ नेता अतहर हुसैन कहते हैं जिस तरीके से वरूण ने इस अस्पताल के लाइसेंस रद्द होने पर स्थानीय और आसपास के जिलों के लोगों को होने वाली समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है। उससे स्पष्ट है कि वह यहां की जनता के लिए सजग हैं। अतहर कहते हैं कि यह बात सच है कि संजय गांधी अस्पताल से आसपास के इलाकों के लोगों को बेहतर इलाज मिलता है। बल्कि लखनऊ या अन्य बड़े शहरों की ओर जाने से मरीजों को भी राहत मिलती है। अब अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया है।

रायबरेली की जनता के लिए आवाज उठाना कई तरह की चर्चाओं को जन्म

पीलीभीत से भाजपा सांसद वरुण गांधी का रायबरेली की जनता के लिए आवाज उठाना सियासत में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जिस तरीके से वरुण गांधी भाजपा और उनकी नीतियों को निशाने पर लेते आ रहे हैं। उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले लोकसभा के चुनाव में वरूण गांध अपना सियासी ठिकाना बदल सकते हैं।

राजनीतिक जानकार कहते हैं कि पहले ऐसे कई मौके आए हैं, जिससे स्पष्ट हुआ है कि अगले चुनाव में वरुण गांधी भाजपा से अलग चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। हालांकि स्पष्ट रूप से अभी किसी सियासी दल ने और वरुण गांधी ने इस तरीके का कोई संदेश नहीं दिया। अगर मुंशीगंज संजय गांधी अस्पताल के लाइसेंस रद्द होने पर वरुण गांधी ने भाजपा सरकार को घेरकर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है, तो इसके बड़े सियासी मायने रायबरेली अमेठी की जनता में जा रहे हैं। चिट्ठी में वरुण गांधी ने न सिर्फ दादी इंदिरा गांधी का जिक्र किया बल्कि स्थानीय लोगों को होने वाली परेशानी का जिक्र किया है। यही वजह है कि वरुण गांधी के अब रायबरेली या अमेठी से कांग्रेस से चुनाव लड़ने की चर्चाएं इलाके में होने लगी हैं।

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