कांग्रेस से बात न बनने के बाद गुजरातके पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला ने अब एकला चलने का फैसला कर लिया है. वाघेला ने गुजरात में भाजपा को चुनौती देने के लिए नई पार्टी का गठन किया है जिसका नाम है प्रजा शक्ति डेमोक्रेटिक पार्टी। वाघेला ने कहा कि जब मैंने देखा कि भाजपा, कांग्रेस और AAP ने मेरे लिए अपने दरवाज़े बंद कर दिए हैं तो मेरे पास अपनी पार्टी बनाने के शिव कोई विकल्प नहीं था. इसके साथ ही वाघेला ने गुजरात विधानसभा के होने वाले चुनाव में सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारने का एलान भी किया.
बता दें कि गुजरात में रेवड़ी कल्चर के नए दौर में शंकर सिंह वाघेला ने भी अपने फेसबुक पेज पर गुजरात के लोगों से काफी वादे कर रखे हैं जिनमें एक लाख रूपये महीने कमाने वाले परिवार को 12 लाख रूपये का हेल्थ बीमा, ऐसे परिवार के बच्चों को 12वीं तक मुफ्त शिक्षा। बेरोज़गारी भत्ता, वाटर टैक्स में छोट, 100 यूनिट मुफ्त बिजली, किसानों को क़र्ज़ माफ़ी के साथ बिजली बिलों में राहत और नई शराब नीति शामिल है.
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बता दें कि गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री ऐसा प्रयोग इससे पहले भी 2017 में कर चुके हैं. तब वाघेला ने ‘जन विकल्प’ पार्टी बनाई थी,मगर चुनाव में जनता ने उनको पूरी तरह से ठुकरा दिया था, उनकी पार्टी को एक प्रतिशत वोट भी नहीं मिला था. जनसंघ से राजनीति की शुरुआत करने वाले शंकर सिंह वाघेला कभी गुजरात के बहुत बड़े नेता हुआ करते थे. अक्टूबर 1996 से अक्टूबर 1997 तक वह गुजरात के मुख्यमंत्री भी रहे. इस बीच उनका भाजपा से कांग्रेस में जाना हुआ और वहां से बाहर आकर एनसीपी से नाता जोड़ना हुआ. मगर वहां भी उनकी नहीं बनी और 2020 में एनसीपी छोड़ने के बाद वह राजनीतिक मरुस्थल में भटक रहे हैं.

