सरधना में अतुल प्रधान की जीत लगभग तय हो गई है। वहीं मेरठ शहर विधानसभा में सभी चरणों की मतगणना पूरी हो गई है। यहां भी भाजपा प्रत्याशी कमल दत्त शर्मा को 20 हजार से अधिक मतों से सपा के रफीक अंसारी ने मात दी है। हालांकि अभी दोनों ही जीते प्रत्याशियों को जीत का सर्टिफिकेट नहीं मिला है। लेकिन घोषणा की जा चुकी है।
मेरठ। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव ( Assembly Election) में जिले की सात सीटों में से 6 सीट जहां भाजपा की झोली में जा गिरी थीं। वहीं इस बार पार्टी कांटे के मुकाबले में फंसी है। सरधना में गठबंधन प्रत्याशी अतुल प्रधान की जीत लगभग तय मानी जा रही है। वे यहां पर काफी वोटों से आगे चल रहे हैं। वहीं कैंट सीट पर सबकी निगाहें हार-जीत के अंतर पर लगी हैं। सरधना में संगीत सोम की हैट्रिक को अतुल प्रधान ने रोक दिया। हस्तिनापुर में प्रदेश सरकार के मंत्री दिनेश खटीक की साख दांव पर है। किठौर में पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर जीत की ओर अग्रसर हो रहे हैं। किसान आंदोलन के सबसे ज्यादा असर वाली सिवालखास सीट को भाजपा को काफी नजदीकी मुकाबले से जूझना पड़ रहा है। शहर सीट से भाजपा प्रत्याशी कमल दत्त शर्मा ने कहा कि प्रदेश में सरकार तो भाजपा की ही बन रही है। मुझे 80 हजार वोट मिले हैं। उनके लिए काम करूंगा।
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सरधना में बड़ा सवाल यह है कि भाजपा और विधायक संगीत सोम हैट्रिक लगाएंगे या फिर सपा के अतुल प्रधान बाजी मारेंगे। लगातार दो बार से संगीत सोम जीत रहे हैं। सरधना विधानसभा सीट (Sardhana assembly seat) पर मुस्लिम मतदाता सबसे ज्यादा हैं। सरधना सीट पर शुरुआती रुझानों में भाजपा विधायक संगीत सोम 12000 से आगे तक पहुंच गए थे लेकिन अब सपा के अतुल प्रधान 28 राउंड में अतुल प्रधान 17588 वोट से आगे निकल गए हैं। यहां पर लगातार गिनती के साथ प्रत्याशियों और समर्थकों की भी पहचानें बढ़ती जा रही है। सरधना से अतुल प्रधान की जीत तय मानी जा रही है। जबकि शहर विधानसभा सीट एक बार फिर से भाजपा के हाथ से निकल चुकी है। शहर विधानसभा सीट पर भाजपा के कमल दत्त शर्मा करीब 20 हजार वोटों से पिछड़ गए हैं। शहर विधानसभा सीट पर सभी राउंड की मतगणना समाप्त हो चुकी है।

