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UttarPradesh Assembly Election: 2022 के रास्ते 2024 पर भी नजर! परिणाम तय करेंगे रणनीति


UttarPradesh Assembly Election: 2022 के रास्ते 2024 पर भी नजर! परिणाम तय करेंगे रणनीति

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्य में विधानसभा के चुनाव हो रहे हैं। इन पांच राज्‍यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों को 2024 के लोकसभा चुनाव के सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है। यूपी की बात करें तो उत्तर प्रदेश से होकर ही दिल्ली का रास्ता जाता है और ऐसे में सभी की निगाहें यूपी विधानसभा चुनाव (UP assembly elections) पर लगी हुई हैं। ऐसे में निष्कर्ष निकलता है कि यह चुनाव 2022 के साथ 2024 से भी जुड़ा है। दो साल से ज्यादा का वक्त राजनीति के लिए लंबा समय होता है। हालांकि, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब, मणिपुर और यूपी विधानसभा चुनाव के जो नतीजे होंगे, उसी से आगे की रणनीति तय होगी।

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Elections) में अगर भाजपा की सरकार बनती है तो इसके सफलता का कारण हिंदू एकजुटता और अल्पसंख्यक वोटों के बंटवारे पर निर्भर करता है। यह कहना जल्दबाजी होगा कि 2022 का चुनाव 2024 की राह तय करेगी, लेकिन यह संकेत जरूर हो सकता है कि 2024 में सभी पार्टियों के पास अपने विकल्प तलाशने और विधानसभा चुनाव में मिले नतीजों के आधार पर रणनीति बनाने के लिए मौके मिल जाएंगे।

2024 के चुनाव में मजबूत स्थिति में होगी सपा!

इस विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव, सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए दमदार चुनौती देने वाले नेता के रूप में उभरते हुए नजर आ रहे हैं। अगर वह नहीं जीतते हैं तो राज्य की राजनीति में तगड़े प्रतिनिधि बन जाएंगे और ऐसे में उनको 2019 की तरह 2024 में किसी से गठबंधन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

कांग्रेस के लिए होगी बड़ी चुनौतियां

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में चल रही कांग्रेस के लिए विधानसभा चुनाव जहां चुनौतियों से भरा हुआ है तो वहीं, लोकसभा चुनाव इन परिणामों पर निर्भर करता है कि पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव (UP assembly elections) में कांग्रेस का परफॉर्मेंस कैसा होगा। हालांकि, पंजाब की बात करें तो कैप्टन अभिनंदन पहले ही कांग्रेस को छोड़कर नई पार्टी बना चुके हैं। उत्तराखंड में भी हरीश रावत चुनाव से पहले इस्तीफे की धमकी दे चुके हैं।

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इससे बात साफ होती है कि पार्टी कैसे राज्य के नेताओं को तैयार करेगी, जो लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) में अपने राज्य में लोहा ले सकें। कांग्रेस 2014 से केंद्र की सत्ता से दूरी बनाए हुए है और ऐसे में लगातार राज्य में कमजोर होती जा रही कांग्रेस के लिए 2024 का पॉलिटिक्स सस्पेंस से भरा हुआ है।

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