उत्तरकाशी। उत्तरकाशी के डोकरानी बामक ग्लेशियर में आज हिमस्खलन हो गया। हिमस्खलन की चपेट में आने से नेहरू पर्वतारोहण संस्थान(निम) के 34 प्रशिक्षु और सात पर्वतारोहण प्रशिक्षक फंसे हैं। निम कर्नल अजय बिष्ट ने बताया कि इस दौरान नौ पर्वतारोहियों के शव अब तक बरामद हो चुके हैं। वहीं, 32 पर्वतारोही अभी लापता हैं। डीएम अभिषेक रूहेला ने बताया कि मौसम खराब होने के कारण अभी रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया है। मौसम ठीक होने पर रेस्क्यू शुरू किया जाएगा।
डीआईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि एयरफोर्स से संपर्क किया है। तीन हेलीकॉप्टर पूरे क्षेत्र की रेकी करेंगे। एसडीआरएफ कमांडेंट मणिकांत मिश्रा ने बताया कि सहस्त्रधारा हेलीपैड से एसडीआरएफ की पांच टीमें घटनास्थल को रवाना हो गई हैं। तीन टीमों को रिजर्व में रखा है। जरूरत पड़ने पर इन तीनों टीमों को रवाना किया जाएगा।
नेहरु पर्वतारोहण संस्थान निम का डोकरानी बामक ग्लेशियर में द्रोपदी डांडा-2 पहाड़ी पर बीते 22 सितंबर से बेसिक/एडवांस का प्रशिक्षण चल रहा था। जिसमें बेसिक प्रशिक्षण 97 प्रशिक्षार्थी, 24 प्रशिक्षक व निम के एक अधिकारी सहित कुल 122 लोग इसमें शामिल थे। जबकि एडवांस कोर्स में 44 प्रशिक्षणार्थी व नौ प्रशिक्षक सहित 53 लोग शमिल थे।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि क्रेवांस में फंसे लोगों को निकालने के लिए निम द्वारा रेस्क्यू अभियान चलाया है। घटनास्थल पर निम के पास दो सेटेलाइट फोन भी मौजूद हैं। रेस्क्यू अभियान के लिए निम के अधिकारियों के साथ निरन्त समन्वय बनाए हुए हैं।
