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Uttarakhand Vidhan Sabha Election: 20 साल के सियासी सफर में मिले 11 मुख्यमंत्री,देखे इस बार किस 12 वें की है बारी


Uttarakhand Vidhan Sabha Election: 20 साल के सियासी सफर में मिले 11 मुख्यमंत्री,देखे इस बार किस 12 वें की है बारी

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश का भाग्य कहें या फिर यहां के सियासी दलों की राजनैतिक चाल। प्रदेश को बचे हुए 20 साल हो चुके हैं। लेकिन इन 20 साल में प्रदेश को सियासी सफर में अब तक 11 मुख्यमंत्री मिल चुके हैं। अब इस बार 12 वां मुख्यमंत्री कौन होता है और क्या होने वाला भावी मुख्यमंत्री इस बार पूरे पांच साल कुर्सी पर बना रहेगा। यह सवाल प्रदेश के हर नागरिक की जुबान पर है। इन 20 सालों में अब तक सिर्फ एक दिग्गज नेता ही उत्तराखंड के इतिहास (History of Uttarakhand) में रहा जो कि पूरे पांच साल तक मुख्यमंत्री रहा और अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। लेकिन उसके बाद से कोई ऐसा दिग्गज नेता न तो भाजपा में हुआ और न कांग्रेस में जो कि पूरा पांच साल का सफर पूरा करता। जबकि इस बीच दोनों ही दलों की सरकारें रही। कांग्रेस और भाजपा सरकार में खूब मुख्यमंत्री बदले गए।

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भाजपा की सरकार (BJP government) में तो हाल यहां तक पहुंच गया कि एक मुख्यमंत्री तो पूरे छह महीने का भी कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया और उसको कुर्सी से उतार दिया गया। मुख्यमंत्री को लेकर सबसे अधिक खींचतान भाजपा सरकार में अधिक रही। प्रदेश के राजनैतिक इतिहास में कांग्रेस के पूर्व सीएम नारायण दत्त तिवारी ही अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा कर पाए। सरकार की बात करें तो वर्ष 2002 से 2007 तक प्रदेश में कांग्रेस सत्ता में काबिज रही। उसके बाद सत्ता परिवर्तन हुआ तो भाजपा सरकार बनी। 2012 में एक बार फिर से कांग्रेस वापसी की और इस दौरान उसने पांच साल में दो मुख्यमंत्री प्रदेश को दिए। 2017 के विधानसभा चुनाव (Assembly Election) में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ आई और इन पांच साल में पार्टी ने तीन मुख्यमंत्री बदल डाले। अब देखना है कि आने वाले चुनाव परिणाम के बाद बनने वाले 12 वें मुख्यमंत्री राज्य में कितने दिन के लिए कुर्सी पर टिके रहते हैं।

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