देहरादून। पहाड़ में मार्च के अंतिम सप्ताह से ही तापमान में वृद्धि हो रही है। इससे जहां आमजन की मुसीबत बढ़ी हैं वहीं उत्तराखंड की वन संपदा के लिए भी खतरा बढ़ गया है। तापमान बढ़ने से जंगलों में आग जोर पकड़ने लगी है। आग की बढ़ती घटनाओं ने वन विभाग को परेशानी में डाल दिया है। बता दें कि वन विभाग की टीम आग की घटनाओं पर काबू के प्रयास कर रही है। लेकिन घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही। जंगल में आग इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि इन दिनों मौसम शुष्क है और इससे काफी परेशानी बढ़ रही है। तापमान बढ़ने और गर्म हवाओं के चलने से जंगल में आग की घटनाएं बढ़ रही हैं।
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मौसम विभाग के साथ ही वन विभाग की नजरें भी अब इंद्रदेव पर टिकी हैं कि जंगल में लगी आग को तो बस वो ही शांत कर सकते हैं। इंद्रदेव मेहरबानी कर बारिश करें तो जंगलों की आग काबू में आ जाएगी। 71.05 प्रतिशत वन भूभाग वाला उत्तराखंड हर साल आग की जद में आता है। यानी वन में हर साल आग लगती है। जिससे भारी मात्रा में वन संपदा को नुकसान पहुंचता है। साल 2020 में तो ठंड के महीने में भी जंगलों में आग लगी थी। इसे देखते हुए सरकार ने पूरे 2020 को फायर सीजन घोषित किया था।

