देहरादून। उत्तराखंड के जंगल इस समय आग से धधक रहे है। फरवरी से लेकर अब तक जगलो में आग की 12 से भी अधिक घटनाओं में करीब 50 लाख की वन संपदा का नुकसान हो चुका है। हिमालय कि आग बुझाने में लगे लोग इस आग को बुझाते हुए लापता हो जा रहे है। कुमाऊँ रेंज के सोमेश्वर के जंगलों में आग बुझाते हुए 4 लोग लापता हो गए। हालांकि 24 घंटे बाद उत्तराखंड पुलिस ने उन्हें दूसरे जंगल से बरामद कर लिया।
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उत्तराखंड के आग से धधक रहे जंगलों में वनाग्नि रुकने का नाम नहीं ले रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार आग फैलती जा रही है। हालांकि वन विभाग की ओर से आग बुझाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। प्रमुख वन संरक्षक निशांत वर्मा ने बताया कि अप्रैल माह से लगातार मौसम विभाग की तरफ से पूर्वानुमान किया गया था कि गर्मी बढ़ेगी। जिस वजह से आग की घटनाएं बढ़ रही हैं। लेकिन हमारे यहां मुख्य 7 जिले हैं, जिनमें अधिकतर चीड़ का वन है। जिनमें आग की घटनाएं अधिक हो रही हैं।
अभी तक प्रदेश में इस पूरे फायर सीजन में वनाग्नि की कुल 1216 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। गढ़वाल मंडल में 523 कुमाऊं में 625 और वन्य जीव क्षेत्र की 68 घटनाएं सामने शामिल हैं। जिसके चलते 1872 वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। प्रदेश में अब तक 50 लाख रू से अधिक आर्थिक क्षति का आकलन किया जा चुका है।वनाग्नि की घटनाओं में 1618 हेक्टेयर वन प्रभावित हुआ है।
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स्थानीय प्रशासन से मदद की गुहार
वन विभाग ही नहीं इस बार जो संवेदनशील जिले हैं उनके जिलाधिकारियों और शासन से अनुरोध किया गया है। सभी डीएफओ के साथ मीटिंग की गई है और उनकी सहायता भी ले रहे हैं। उनके साथ-साथ फायर सर्विस एसडीआरएफ फोर्स का भी सहयोग लिया जा रहा है।
सोमेश्वर के जंगल मे लापता 4 लोग
मंगलवार को सोमेश्वर के जंगलों में आग बुझाने में मदद कर रहे 4 लोग लापता हो गए। 4 लोगों के लापता होने की खबर से हड़कम्प मच गया। जानकारी के अनुसार लोद जंगल मे आग बुझाने म लागये 4 लोग लापता हो गए। बताया जा रहा है कि अधिक धुंवा होने के चलते वे रास्ता भटक गए और दूर निकल गए। एसडीआरएफ ने उनकी तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन उनको ढूढ नही पाई। बुधवार को दुबारा सर्च ऑपरेशन चलाया गया जिसके बाद SDRF ने इन लोगों को उदयपुर गोल्ज्यू देवता के मंदिर के पास से बरामद किया।