नई दिल्ली: पिछले तीन दिनों की उठापटक के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की पेशकश की है. तीरथ सिंह रावत ने संवैधानिक संकट को इस्तीफा पेशकश करने की वजह बताया है. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को उन्होंने पत्र लिख कर यह पेशकश की. इस बीच उन्होंने बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मुलाकात भी की.
जेपी नड्डा को लिखे अपने पत्र में उन्होंने संविधान के आर्टिक 164-A का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को छह महीने बाद विधानसभा का सदस्य बनना था, लेकिन आर्टिकल 151 कहता है कि अगर विधानसभा चुनाव होने में एक साल का समय रहता है तो उपचुनाव नहीं कराया जा सकता. राज्य में किसी भी तरह का संवैधानिक संकट न पैदा हो, इस कारण वह इस्तीफा देना चाहते हैं.
उत्तराखंड विधायक दल की बैठक के लिए कल पर्यवेक्षकों के तौर पर केंद्र मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर देहरादून जाएंगे. वहीं, जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद तीरथ सिंह रावत सीधा राजभवन पहुंच रहे हैं.
बता दें कि 2022 में उत्तराखंड विधानसभा का चुनाव होना है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तीरथ सिंह रावत को बीजेपी अध्यक्ष ने दिल्ली बुलाया था. उनके अलावा बीजेपी नेता सतपाल महाराज और धन सिंह रावत भी दिल्ली बुलाए गए. उत्तराखंड में धन सिंह रावत, सतपाल महाराज और पुष्कर धामी मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में आगे हैं.
तीरथ सिंह रावत ने 10 मार्च को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की शपथ ली थी. 10 सितंबर तक उनका विधायक चुना जाना अनिवार्य था. बीजेपी आलाकमान उत्तराखंड विधायक दल की बैठक के लिए पर्यवेक्षकों के तौर पर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को देहरादून भेज सकती है.

