उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व स्पीकर और पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी का आज 89 वर्ष की आयु में एक लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया है. आज सुबह करीब 5 बजे अंतिम सांस लेकर वो दुनिया से विदा हो गए. केशरीनाथ त्रिपाठी तीन बार विधानसभा अध्य्क्ष भी रहे. 30 दिसंबर को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, 4 जनवरी को डिस्चार्ज होकर घर आ गए थे. उन्हें आज ही लखनऊ के एसजीपीजीआई में भर्ती कराया जाना था लेकिन दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गईं. आज शाम 4:00 बजे प्रयागराज में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.
प्रधानमंत्री दुःख प्रकट किया
उनके निधन पीएम नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दुःख प्रकट किया है. केशरीनाथ त्रिपाठी दो बार कोविड वायरस से भी संक्रमित हुए थे. उन्होंने 2014 से 2019 तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में कार्य किया. पश्चिम बंगाल के ही साथ उनके पास बिहार, मेघालय और मिजोरम के राज्यपाल का भी प्रभार था. वह भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष भी रह चुके थे. यूपी विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में 1991-1993, 1997-2002 और मई 2002 से मार्च 2004 तक कार्यभार संभाला.
राजनेता के साथ लेखक भी थे
10 नवंबर 1934 को जन्में पं. केशरी नाथ त्रिपाठी चार बहनों और तीन भाइयों में सबसे छोटे थे. इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में उन्होंने प्रेक्टिस के साथ उन्होंने कई किताबें भी लिखी हैं. उनकी पुस्तक ‘संचयिता: केशरी नाथ त्रिपाठी’ को काफी पसंद किया गया था. ‘मनोनुकृति’ और ‘आयु पंख’ उनकी प्रमुख साहित्यिक रचनाएं मणि जाती हैं.

