चुनावी दौर में धर्म के मुद्दों को उठाना कोई नयी बात नहीं और बीजेपी के द्वारा औरंगजेब पर राजनीति करना भी कोई आश्चर्य की चीज़ नहीं है क्योकि इस पार्टी ने पहले ही दिल्ली के औरंगजेब रोड का नाम बदल दिया है। लेकिन इस मुद्दे पर चर्चा उठाना सीधे हिंदू-मुसलमान राजनीति की ओर इशारा करता है।
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सोमवार को वाराणसी में हुए चुनाव प्रचार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी विश्वनाथ धाम में लोगो को किया सम्बोधित और किया औरंगजेब पर चर्चा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा कि भारत में जब भी औरंगजेब का जनम हुआ है, तब भारत की इस मिट्टी से शिवाजी का भी उदय हुआ है। इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि भारत विश्व के बाकि देशो से अलग है।
मोदी के चुनावी भाषण में औरंगजेब के जिक्र को चुनावी राजनीती से जोड़ा जा रहा है और यह उत्तर प्रदेश के चुनावों में एक नयी राजनीती कि ओर इशारा है क्योकि इससे पहले भी उत्तर प्रदेश के चुनावी रैलियों में जिन्ना का जिक्र हो चुका है।
क्या कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी दौरे में
मोदी ने वाराणसी में दिए गए आपने भाषण में कहा कि ”आक्रमणकारियों ने इस शहर पर हमला किया और इसे नष्ट करने की पूरी कोशिश की। इसका गवाह इतिहास भी है जो औरंगजेब के अत्याचार और आतंक से भरा हुआ है। उसने अपनी कट्टरता से यहाँ की संस्कृति को दबाने की कोशिश की लेकिन इस देश (भारत) की मिट्टी बाकी दुनिया के देशो से भिन्न है। यहां औरंगजेब आया है, तो शिवाजी का भी उदय यही हुआ है।”
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मोदी द्वारा काशी में दिए गए इस भाषण का सार हिन्दुओ की एकता को बढ़ावा देता हुआ नज़र आया। पार्टी को उम्मीद है की इससे उन्हें चुनाव में मदद अवश्य मिलेगी एवं उनका वोट बैंक मजबूत होगा।

