बरेली। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी सहित आठ सूत्री मांगों को लेकर किसानों ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है। भाकियू टिकैत गुट सहित अन्य किसान संगठन संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले आज गुरुवार से राजापुर मंडी में अपनी मांगों के समर्थन में 75 घंटे तक धरना देंगे। आंदोलन में राकेश टिकैत भी हिस्सा लेंगे। आंदोलन को लेकर मंडी में किसानों का पहुंुचना शुरू हो गया है। आंदोलन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए एसपी संजीव सुमन और एएसपी एके सिंह ने मंडी स्थल का दौरा किया और पीएसी व आरएएफ को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
भाकियू ‘टिकैत’ के उप्र और उत्तराखंड प्रभारी बलजिंदर सिंह ने जानकारी दी है कि संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले गुरुवार से किसान मंडी परिसर में 75 घंटे तक धरना चलेगा। उन्होंने तिकुनिया हिंसा के बारे में बताते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन ने किसानों के साथ धोखा किया। इसलिए किसानों को फिर से आंदोलन के लिए विवश होना पड़ रहा है। किसान अपनी आठ सूत्री मांगों को लेकर धरने पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि तिकुनिया हिंसा में सरकार ने जो वादा किया था उसे पूरा नहीं किया। जिला प्रशासन ने पीड़त परिवार को न तो नौकरी दी और न कोई मुआवजा दिया है। उन्होंने जेल में बंद चार किसानों को भी रिहा करने की मांग की है।
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संयुक्त किसान मोर्चा के तहत 31 किसान संगठन यहां पहुंच रहे हैं। जिसमें उप्र, उत्तराखंड, महाराष्ट्र,राजस्थान, पंजाब और हरियाणा से किसान बस और ट्रेनों के अलावा ट्रैक्टर ट्रॉली से मंडी परिसर पहुंच रहे हैं। बताया गया है कि 21 अगस्त तक धरनास्थल पर ही लंगर चलेगा और किसान डटे रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए एसपी संजीव सुमन ने धरनास्थल का दौरा किया और संबंधितों को दिशा-निर्देश दिए हैं। एएसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मंडी में काम जैसे है वैसे ही चलता रहेगा। धरने की इजाजत दो टिनशेड में दी है। किसी तरह का कोई रुट डायवर्जन नहीं किया है।

