मुख्तार से इतना प्रेम है तो यूपी कांग्रेस अध्यक्ष बना दें

उत्तर प्रदेशमुख्तार से इतना प्रेम है तो यूपी कांग्रेस अध्यक्ष बना दें

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मुख्तार से इतना प्रेम है तो यूपी कांग्रेस अध्यक्ष बना दें

पंजाब सरकार के मुख्तार अंसारी प्रेम से परेशान मऊ के कारोबारी ने राहुल-प्रियंका से की मांग

मऊ। कुख्यात मुख्तार अंसारी से यदि कांग्रेस की पंजाब सरकार को इतना ही प्रेम है तो उसे यूपी कांग्रेस का अध्यक्ष बना दें। यह कहना है मऊ के कारोबारी अशोक सिंह का जो अपने भाई अजय प्रकाश सिंह उर्फ ‘मन्ना सिंह’ हत्याकांड और राम सिंह मौर्या हत्याकांड में माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ पैरवीकार और पीड़ित हैं।

उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी के महासचिव प्रियंका गांधी को चिट्ठी लिख कर पंजाब सरकार के रवैये पर विरोध जताया है। उनका आरोप है कि पंजाब सरकार जान-बूझकर मुख्तार अंसारी को यूपी में आने नहीं दे रही।

पंजाब की जेल में बंद मुख्तार अंसारी को यूपी लाने का मामला सुप्रीम कोर्ट में है। यूपी की ओर से मुख्तार अंसारी को प्रदेश में लाने के अनेक प्रयास किये जा चुके हैं लेकिन पंजाब का जेल प्रशासन मुख्तार अंसारी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते हुए उसे रिलीव नहीं कर रहा है। माना जा रहा है कि जेल प्रशासन की इस कदम के पीछे पंजाब सरकार की शह है। इसका विरोध जताया है वर्षों से मुख्तार गैंग की दहशत में जी रहे मऊ के कारोबारी अशोक सिंह ने जो मुख्तार अंसारी के खिलाफ मन्ना सिंह हत्याकांड और राम सिंह मौर्या हत्याकांड के पैरवीकार और पीड़ित हैं।

अशोक सिंह ने पंजाब सरकार के रवैये पर निराशा जाहिर करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी के महासचिव प्रियंका गांधी को पत्र लिखकर विरोध जताया है। अशोक सिंह ने पत्र मंे लिखा है कि अगर आपको भी इस माफिया से इतना ही प्रगाढ़ प्रेम है तो आप इसे अजय कुमार लल्लू के स्थान पर अपनी पार्टी का उत्तर प्रदेश अध्यक्ष घोषित कर दें। जैसा कि कांग्रेस की तृष्टिकरण की राजनीति रही है।

अशोक सिंह ने लिखा है कि माननीय मैं आपको यह पत्र प्रेषित करते हुए बेहद संवेदनशील विषय पर आपसे अपने अंतर्मन की व्यथा कहने की कोशिश कर रहा हूं। मैं 29 अगस्त 2009 को अपने भाई अजय प्रकाश सिंह उर्फ ‘मन्ना सिंह’ की मऊ मे गाजीपुर तिराहेे पर हुई गोली मारकर नृशंस हत्या के संदर्भ में एक भावनात्मक निवेदन करना चाहता हूं। इस हत्याकांड में उनका ड्राइवर शब्बीर और साथी राजेश घायल हुए थे। राजेश की बाद में मृत्यु हो गई थी। माननीय इस हत्याकांड के एक वर्ष बाद ही केस में गवाह हरेराम सिंह मौर्य और उनकी सुरक्षा में लगे सिपाही सतीश कुमार की भी 19 मार्च 2010 में मऊ में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मेरी ही तहरीर पर केस दर्ज किया था, जिसे बाद में एमपी-एएलए कोर्ट में ट्रांसफर किया गया।

अशोक सिंह ने पत्र में कहा है किये दोनों ही घटनाएं माफिया मुख्तार अंसारी द्वारा अंजाम दी गईं। उसने गुंडा टैक्स की मांग से मना करने पर मेरे भाई की हत्या करवाई, फिर गवाहों की हत्या करवा दी। मैं पिछले एक दशक के लंबे समय से संघर्ष कर रहा हूं। पिछले 10 साल से मेरा परिवार दहशत में जी रहा है। मुझ पर जुल्मों का आलम यह है कि मैं अपने भाई की बेवा और उनकी बच्चों और अपने परिवार को कैसे इस माफिया से बचाकर रख रहा हूं, मेरा अंतर्मन ही जानता है।

अशोक सिंह ने आगे लिखा है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार माफिया पर लगाम लगाने के लिए लगातार प्रयासरत है। यही कारण है कि मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश आने में भय लग रहा है। उन्होंने लिखा है कि मेरी हताशा तब और बढ़ जाती है, जब मुख्तार अंसारी की जेल में रहकर भी उसके रसूख की बात सुनता हूं कि कैसे किसी माफिया पर आपके पार्टी की सरकारें इतनी ज्यादा मेहरबान है। मन खिन्न हो जाता है कि माफिया के फरार और इनामिया बेटे की शादी आपकी ही पार्टी की सरकार ‘आयोजित’ करती है।

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