पश्चिमी उप्र और मेरठ में आज तेज धूप और उमस के साथ दिन की शुरूआत हुई। वहीं तापमान भी काफी बढ़ा हुआ है। बता दें कि मेरठ सहित पश्चिमी उप्र में इस बार उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हुई है। जिसके चलते किसानों और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके विपरीत देश के अन्य हिस्सों में जमकर बारिश हुई है। सावन और भादों की बारिश के चलते कई राज्यों मे बाढ़ और प्राकृतिक आपदा से काफी जानमाल की हानि हुई है। अब बारिश का दौर फिलहाल देश के उत्तर पश्चिम भारत में भी धीमा हो गया है। बता दें कि अब अगले पांच दिनों के बाद बारिश की गतिविधियां अब पूरी तरह से बंद होने के आसार हैं। लेकिन इन पांच दिनों में उप्र के पूर्वी इलाकों और बिहार समेत पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर पश्चिम भारत में अगले पांच दिनों और मध्य भारत में अगले तीन दिनों तक बारिश के आसार अब नहीं हैं। जबकि उप्र के पूर्वी इलाकों और बिहार व उत्तरपूर्वी भारत में 27 और 28 अगस्त भारी बारिश की संभावना है। वहीं पूर्वी राजस्थानऔर समीपवर्ती उत्तर पश्चिमी मप्र में बने कम दबाव के क्षेत्र अब दक्षिण पश्चिमी राजस्थान की ओर रूख कर गए हैं। इसके प्रभाव से दक्षिण राजस्थान, गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में मध्यम बारिश की संभावना 26 और 27 अगस्त को जताई जा रही है। छत्तीसगढ़ में और पूर्वी मध्यप्रदेश में 27 अगस्त को बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के उत्तरी भाग पर बना चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र समुद्र तल से 5ः8 किलोमीटर ऊपर तक फैला है। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ को उत्तरी अफगानिस्तान के अलावा इससे सटे पाकिस्तान के हिस्सों पर एक द्रोणिका के रूप में स्थित है।

