आगरा। आगरा का राजा की मंडी रेलवे स्टेशन जो कि कभी अंग्रेजों के जमाने में बनाया गया था। अंग्रेजों के समय में ये रेलवे स्टेशन आगरा का एकमात्र रेलवे स्टेशन हुआ करता था। अंग्रेजों ने इस रेलवे स्टेशन के पास बने चामुंडा देवी के मंदिर के लिए रेलवे ट्रैक को वक्राकार बना दिया था। जिससे चामुंडा मंदिर पर कोई व्यावधान ना आए। लेकिन आज मोदीराज में रेलवे सैकड़ों साल पुराने इस मंदिर को अवैध बताकर इसको तोड़ने की कोशिश में है। यहां तक कि रेलवे ने मंदिर के कारण राजा की मंडी रेलवे स्टेशन यात्रियों के लिए बंद जाने की बात कही है।
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राजा की मंडी रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म नंबर एक पर बने इस मंदिर को लेकर विवाद अब चरम पर है। इसको लेकर डीआरएम ने भी ट्वीट कर कहा है कि चामुंडा देवी मंदिर नहीं गया तो स्टेशन यात्रियों के लिए बंद कर दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि राजा की मंडी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर बना ये मंदिर अवैध है।

रेलवे डीआरएम के इस रुख से लोगों में काफी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि जो मंदिर अंग्रेज नहीं हटा सके उसको अब हटाने की कोशिश रेलवे विभाग कर रहा है। रेलवे का आरोप है कि मंदिर के कारण रेल यात्रियों के आने जाने में व्यवधान होता है। इससे ट्रेनों की गति भी कम होती है। डीआरएम ने मंदिर को स्थानांतरित करने को मंदिर प्रशासन को नोटिस दिया है।
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बता दें कि राजा की मंडी रेलवे स्टेशन पर ये मंदिर आज से नहीं बल्कि अंग्रेजों के जमाने से है। जिस समय अंग्रेज रेल लाइन बिछा रहे थे उस दौरान भी मंदिर का ध्यान रखा और रेलवे लाइन को वक्राकार कर दिया था। जिसके कारण यहां से गुजरने वाली ट्रेन धीमी गति से निकलती थी। लेकिन अब रेलवे का तर्क है कि इस मंदिर के कारण ट्रेन 30 किमी प्रति घंटे की गति से अधिक रफ्तार से नहीं निकल पाती। हाई स्पीड ट्रेनों को भी निकलने में देरी होती है।

