अयोध्या जमीन विवाद की निष्पक्ष जांच होने तक सस्पेंड हों चंपत राय

उत्तर प्रदेशअयोध्या जमीन विवाद की निष्पक्ष जांच होने तक सस्पेंड हों चंपत राय

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अयोध्या जमीन विवाद की निष्पक्ष जांच होने तक सस्पेंड हों चंपत राय

अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, चंपत राय और अनिल मिश्र को जांच से नहीं भागना चाहिए

अयोध्या में भगवान राम के नाम पर ट्रस्ट बनाया गया है इसलिए उसका उद्देश्य श्रीराम के आदर्शों की स्थापना है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीन को लेकर हुए विवाद में ट्रस्ट के सचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्र को जांच से नहीं भागना चाहिए। शारदा पीठ के शंकराचार्य जगतगुरु स्वरूपानंद सरस्वती के उत्तराधिकारी और रामालय ट्रस्ट के अध्यक्ष अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का कहना है कि जिन लोगों पर आरोप लगे हैं उन्हें जांच की सच्चाई आने तक सभी दायित्वों से मुक्त कर दिया जाये।

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीन को लेकर हो रहे विवाद में रामालय ट्रस्ट के अध्यक्ष अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर ट्रस्ट पर सवाल खड़े किये हैं। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पत्रकारों से कहा कि दो मिनट पहले कोई चीज दो करोड़ की होती है और आठ मिनट बाद आठ करोड़ की हो जाती है, यह नहीं हो सकता। लेकिन आपने कर के दिखा दिया है और आप कहते हैं एकदम सही हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के सचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्र ने गवाही दी है और रजिस्ट्री कराई है इसलिए इन्हें कार्य से तुरंत सस्पेंड कर देना चाहिए, जब तक कि यह निर्दोष नहीं साबित हो जाते।

अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का कहना है कि इस मामले में जिन लोगों पर आरोप लगे हैं उन्हें स्वयं अपने दायित्वों से विरक्त हो जाना चाहिए और कहना चाहिए कि मेरे ऊपर आरोपी का निराकरण कर दो उसके बाद फिर मैं कार्य करूंगा। भगवान राम के नाम पर ट्रस्ट बनाया गया है इसलिए उसका उद्देश्य श्रीराम के आदर्शों की स्थापना करना है।

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