मेरठ। आगामी जुमे की नमाज को लेककर इस बार पश्चिमी उप्र से लेकर पूरब तक पहले से ही अलर्ट जारी किया गया है। वहीं संवेदनशील जिलों को पीएसी और आरएएफ के हवाले कर दिया गया है। बता दें कि आगामी 17 जून शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा की जाएगी। जिसको लेकर शासन प्रशासन ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। संवेदनशील जिलों में 10 कंपनी आरएएफ और 130 कंपनी पीएसी तैनात करने की जाएगी। इसके अलावा जुमे की नमाज को लेेकर जिले के पुलिस अधिकारियों को पहले से सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि गत 10 जून को जुमे की नमाज के बाद प्रदेश के कई जिलों में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी।
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जिसमें आगजनी और पथराव के अलावा गोलियां भी चली थी। 10 जून को सहारनपुर से शुरू हुई हिंसा की आग ऐसी भड़की कि इसमें प्रयागराज,हाथरस और कई जिले झुलस गए। 10 जून को हुई हिंसा से सबक लेते हुए ही सरकार ने इस बार अधिक सतर्कता बरतने का फैसला किया है। पश्चिमी उप्र के संवदेनशील जिले मेरठ, सहारनपुर, बुलंदशहर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, शामली, मुरादाबार, रामपुर में आरएएफ और पीएसी की अतिरिक्त कंपनी लगाई गई है। प्रदेश के एडीजी लॉ एडं आर्डर प्रशांत कुमार ने संवदेनशील जिलों में धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस की तैनाती करने के निर्देश दिए हैं। शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने को मौलवियों और अन्य दूसरे धर्म के नेताओं के संपर्क में रहने को कहा है।
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बता दें कि हजरत की शान में बयानबाजी करने के मामले में भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा को जेल भेजने को लेकर गत तीन जून को कानपुर में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी। उसके बाद दस जून को जुमे की नमाज के बाद पूरे प्रदेश में प्रदर्शन हुए और उसके बाद करीब नौ जिलों में हिंसा हुई। इस हिंसा में हाथरस,प्रयागराज, मुरादाबाद, देवबंद, फिरोजाबाद जिलों में हिंसक भीड़ ने पुलिस पर पथराव और पेट्रोल बम से हमला किया था।

