लखनऊ: केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की ओर से शुक्रवार से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष 2022- 23 के लिए राज्यों की बिजली आवश्यकता का जो आकलन किया गया है। उसमें उत्तर प्रदेश को नए वित्तीय वर्ष में सबसे ज्यादा बिजली की आवश्यकता है। 19 वीं इलेक्ट्रिक पावर सर्वे की रिपोर्ट में देश में बडा खुलासा हुआ है। महाराष्ट्र में जहां सबसे ज्यादा बिजली की आवश्यकता होगी। वही उत्तर प्रदेश दूसरा राज्य होगा। जिसे सबसे ज्यादा बिजली की वर्ष 2022-23 में पड़ेगी। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि आंकलन शायद बहुत ज्यादा बढोतरी के करीब है लेकिन वर्तमान में तापमान को देखते हुए कुछ भी हो सकता है। इसलिए अभी से सभी अपनी जिम्मेदारियों को लेकर तैयार रहें।
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जहां पूरे देश में गर्मी का प्रकोप बढ रहा है। मार्च महीने में ही उत्तर प्रदेश में 40 डिग्री के ऊपर तापमान पहुंच गया। कल से नया वित्तीय वर्ष 2022-23 की शुरुआत होने जा रही है। ऐसे में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण(सीईए) भारत सरकार की ओर से 19 वां इलेक्ट्रिक पावर सर्वे जिसमें पूरे देश में राज्यवार बिजली की आवश्यकता का आंकलन किया जाता है। शुक्रवार से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए पूरे भारत के लिए जहां 16 लाख 50 हजार 594 मिलियन यूनिट बिजली की आवश्यकता वर्ष 2022-23 के लिए आंकलित की गई है। उसमें सबसे बडा चौंकाने वाला मामला आया है। देश के पांच राज्य जहां बिजली की आवश्यकता का आकलन लाखों में होता है। उसमें इस बार उत्तर प्रदेश देश का दूसरा ऐसा राज्य है। जहां वर्ष 2022-23 के लिए सबसे ज्यादा बिजली की आवश्यकता है। जिसे 1 लाख 59 हजार 412 मिलियन यूनिट बिजली का आकलन किया गया है। यह कहना गलत नहीं होगा इस बार उत्तर प्रदेश में जो आंकलन सामने आया है। वह अब तक का सबसे बडा आंकलन है।
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वैसे वर्तमान में उत्तर प्रदेश में लगभग 1 लाख 15 हजार मिलियन यूनिट से लेकर 1 लाख 20 हजार मिलियन यूनिट बिजली की आवश्यकता साल में होती है। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि अगर इस पर नजर डालें तो पहली बार ऐसा हुआ है कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की ओर से जो आंकलन किया गया है। उसमें उत्तर प्रदेश में कल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए वर्तमान में जो बिजली की आवश्यकता होती है। उससे 32 फीसदी अधिक बिजली की आवश्यकता का आंकलन चौंकने वाला सवाल है। पुराने आंकडों पर नजर डालें तो साल दर साल 7 से 8 प्रतिशत बिजली की आवश्यकता में बढोतरी होती है लेकिन इस बार की बढोतरी चौंका रही है? सब मिलाकर मार्च के तापमान पर नजर डालें तो उत्तर प्रदेश देश का बडा राज्य है। 25 करोड जहां देश में उपभोक्ताओं की संख्या है। वहीं उत्तर प्रदेश में ही केवल तीन करोड से ऊपर विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या है।
राज्य बिजली की आवश्यकता वर्ष 2022-23 आकलन
महाराष्ट्र 2 लाख 288 मिलियन यूनिट
उत्तर प्रदेश 1 लाख 59 हजार 412 मिलियन यूनिट
गुजरात 1 लाख 44 हजार 186मिलियन यूनिट
तमिलनायडु 1 लाख 44 हजार 145 मिलियन यूनिट
मध्यप्रदेश 1 लाख 4 हजार 772 मिलियन यूनिट
भारत 16 लाख 50 हजार 594 मिलियन यूनिट

